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ईवीएम-वीवीपैट मशीन पर पार्टियों ने 5 महीनों में बदली मांग

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नई दिल्ली। करीब 21 राजनीतिक पार्टियों ने एक फरवरी को चुनाव आयोग से मुलाकात की। इन पार्टियों ने चुनाव आयोग से मांग की है कि चुनाव में ईवीएम मशीन से पड़ने वाले वोटों में से कम से कम 50 प्रतिशत का वीवीपैट मशीन (वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) के जरिए मिलान होना ही चाहिए।

सूत्रों की माने तो इस बात पर गौर की गई कि 5 महीने पहले इस बारे में इनकी राय अलग थी। पिछले साल 27 अगस्त को चुनाव आयोग द्वारा आयोजित की गई ऑल-पार्टी मीटिंग में कांग्रेस ने 30ः, एनसीपी ने 33ः, सीपीएम ने 10ः और आम आदमी पार्टी ने 20ः ईवीएम वोटों का मिलान वीवीपैट स्लिप से कराने का प्रस्ताव दिया था। वहीं बीएसपी, तृणमूल कांग्रेस और नैशनल कॉन्फ्रेंस ने तो बैलट पेपर सिस्टम को वापस लाने की बात भी कही थी। विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों की 27 अगस्त की मीटिंग से संबंधित दस्तावेज टाइम्स ऑफ इंडिया को मिले हैं। इसके मुताबिक, डीएमके, जनता दल (सेक्युलर), समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल और टीडीपी ने पिछले हफ्ते एक साझा अर्जी में 50 प्रतिशत वोटों के ईवीएम-वीवीपैट मशीन से मिलान की मांग की है। इसके अलावा जिन जगहों पर जीत का अंतर 5 प्रतिशत से कम रहे, वहां 100 प्रतिशत ईवीएम वोटों का मिलान वीवीपैट मशीनों से होना चाहिए। इन पार्टियों ने सीधे तौर पर अब ईवीएम को खारिज नहीं किया है बल्कि पेपर ट्रेल काउंट के सिस्टम में सुधार का सुझाव दिया है। बता दें कि अभी एक विधानसभा क्षेत्र में एक ही पोलिंग स्टेशन पर ईवीएम काउंट के लिए वीवीपैट स्लिप का मिलान होता है।

करीब 20 से ज्यादा विपक्षी पार्टियों का नेतृत्व कांग्रेस ने किया था। 1 फरवरी को चुनाव आयोग से मुलाकार से पहले कांग्रेस ने ईवीएम को लेकर सवाल खड़े किए थे। 27 अगस्त को ईवीएम में गड़बड़ी और कथित तौर पर पार्टी विशेष को ही वोट पड़ने का हवाला देते हुए ईवीएम की विश्वसनीयता पर से जुड़े प्रश्न पूछे थे। कांग्रेस के प्रतिनिधि ने सलाह दी थी कि पुराने और नए ईवीएम मॉडल को जनता के सामने लाना चाहिए और कम से कम 30 प्रतिशत वोटों का मिलान वीवीपैट से होना चाहिए। कांग्रेस ने यहां तक कहा था कि चुनावी प्रक्रिया की ईमानदारी को वापस पाने के लिए बैलट पेपर सिस्टम की जरूरत है। तृणमूल ने जहां बैलट पेपर की वापसी की मांग की थी, वहीं बीएसपी चाहती थी कि चुनाव आयोग वीवीपैट स्लिफ के आंकड़े को लेकर स्थिति स्पष्ट करे। बीएसपी ने यह भी कहा था कि बेहतर होगा बैलट पेपर सिस्टम को ही वापस लाया जाए।

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