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अब नमो-नमो का जाप करेंगे नरेश अग्रवाल

नयी दिल्ली।

राज्यसभा में राम को ‘रम’ बता कर हिंदू धार्मिक आस्था को आहत करने तथा ‘पकौडे’ के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर खिल्ली उडाने वाले उत्तर प्रदेश के महान अवसरवादी हरदोई के नरेश अग्रवाल भी अब नमो-नमो का जाप करेंगे। आज उन्होंने विधिवत भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी है।

सत्ता और पद के बिना एक पल भी सियासत ना करने के आदी नरेश अग्रवाल के समाजवादी पार्टी से बगावत का अंदाजा उसी समय लग गया था जब समाजवादी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा का एक और कार्यकाल ना देकर गुजरे जमाने की अभिनेत्री व बिग बी की बीवी जया बच्चन को राज्यसभा के चौथे कार्यकाल के लिए टिकट थमा दिया था। बच्चन के टिकट की घोषणा के साथ ही नरेश अग्रवाल कोपभवन में चले गये थे। अग्रवाल के एक और पालाबदल का खेल उसी समय शुरू हो गया था।

उत्तर प्रदेश में भाजपा अपनी मौजूदा विधायक संख्या के बल पर राज्यसभा में स्पष्ट रूप से मात्र आठ नेताओं को भेज सकती है। इन आठ की जीत के बाद उसके पास कुछ वोट सरप्लस है। आज सुबह अचानक लखनऊ में भाजपा खेमे में हलचल हुई और नौंवे उम्मीदवार अनिल अग्रवाल का नामांकन करा दिया गया। भाजपा के इस दांव के पीछे नरेश अग्रवाल के वोट मैनेजमेंट का सभी को अंदाजा हो गया था।

नरेश अग्रवाल के सपा से मोहभंग की दोहरी वजह रही। एक ओर वह सपा में अखिलेश के चाणक्य प्रो. रामगोपाल के खास सिपहसालार होते हुए टिकट से वंचित रह गये तो दूसरी तरफ उन्ही के जिले हरदोई से कुछ दिनों पूर्व सपा छोड कर भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री अशोक वाजपेयी को भाजपा ने टिकट देकर राज्यसभा जाने का रास्ता साफ कर दिया। बताया जाता है कि सपा से राज्यसभा टिकट पाने को नरेश अग्रवाल ने जमकर जतन किए पर कॉरपोरेट लॉबी के दबाव और कहा तो यहां तक जा रहा है कि मोदी सरकार के प्रति मुलायम के नरम रुख के चलते जया बच्चन बाजी मार ले गई। सर्वज्ञात है कि पीएम मोदी और बिग बी के संबंध बेहतर हैं।

भाजपा में शामिल होना नरेश अग्रवाल के लिए कोई नया अनुभव ना होगा। 90 के दशक में कांग्रेस विधायक तोड कर लोकतांत्रिक कांग्रेस गठित कर वह प्रदेश की तत्कालीन कल्याण सरकार के भी तारनहार रह चुके हैं। दलबदल के पुराने खिलाड़ी नरेश अग्रवाल के समर्थक आज दिल्ली में उनकी कोठी पर जमा हुए। गाडियों से सपा के झंडे उतार फेंके। बाद में वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के बाद वह भाजपाई हो गए।

भाजपा में शामिल होने की घोषणा करते हुए नरेश अग्रवाल ने नाम लिए बिना सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर भडास निकाली। उन्होंने सपा-बसपा गठबंधन की आलोचना की और इस्तीफे की वजह अपना राज्यसभा टिकट काट कर नाचने-गाने वाली को तरजीह देना बताया। अग्रवाल ने सपा में खुद को आगे बढाने के लिए मुलायम सिंह यादव व प्रो. रामगोपाल के प्रति आभार जताया। परंपरा के अनुसार पीएम मोदी की शान में जम कर कसीदे काढे।

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