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एक साथ चुनाव के पक्ष में सपा व टीआरएस, विधि आयोग की सर्वदलीय बैठक में हुआ मंथन

नई दिल्ली

देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव करवाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को समाजवादी पार्टी (एसपी) का साथ मिला है। एसपी नेता रामगोपाल यादव ने इसपर सहमति जताई। वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने भी एक चुनाव पर सहमति दी है।

देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बहस जोरों पर है। इसी कड़ी में केंद्रीय विधि आयोग ने सभी बड़े राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श करने के लिए सात और आठ जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई बैठक में देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने पर चर्चा की। आयोग इस मामले में एक साथ चुनावों की संभावना और इसकी व्यवहार्यता पर भी मंथन किया गया। केंद्रीय विधि आयोग की एक राष्ट्र-एक चुनाव के मुद्दे पर आयोजित दो दिवसीय बैठक में हालांकि ज्यादातर दलों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन भाजपा और सहयोगी दलों की राजग को सपा व टीआरएस जैसे दलों का साथ मिला। टीआरएस के चेयरमैन के चंद्रशेखर राव ने केंद्रीय कानून आयोग को पत्र लिखकर कहा कि हम लोग एकसाथ चुनाव करवाने के पक्ष में है। इसी प्रकार राम गोपाल यादव ने कहा कि हम एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में हैं, लेकिन 2019 से यह शुरू हो जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रतिनिधि दल बदल करते हैं या फिर सदस्यों की खरीद-फरोख्त में शामिल होते हैं तो उनके खिलाफ एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई होनी चाहिए। इस बैठक में सभी राष्ट्रीय और राज्यों की मान्यता प्राप्त पार्टियों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। विधि आयोग द्वारा बुलाई गई इस बैठक में तमाम कानूनी पहलुओं, क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी है। रविवार को केंद्रीय विधि आयोग में सपा का पक्ष रखने के बाद रामगोपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी एक साथ चुनाव करवाने के पक्ष में है। यह 2019 से ही शुरू होना चाहिए। वहीं अगर राजनेता पार्टी बदलता है या हॉर्स ट्रेडिंग में संलिप्त पाया जाता है तो राज्यपाल को उनपर एक हफ्ते के अंदर ऐक्शन लेने का अधिकार होना चाहिए।

गौरतलब है विधि आयोग ने जनता से एक देश, एक चुनाव मामले पर सुझाव मांगे थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस मामले में एक कमेटी गठित की थी, जिसने केंद्र सरकार को सूबे में अगला विधानसभा चुनाव वर्ष 2022 के बजाय 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ कराने की सलाह दी थी। उधर केंद्र सरकार की ओर से विधि आयोग द्वारा इस मुद्दे पर गठित कमेटी ने भी दिसंबर 2021 से पहले होने वाले सभी विधानसभा चुनाव वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ कराने की बात कही थी। हालांकि कमेटी की इस सलाह पर विपक्ष ने विरोध जताया था।

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