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केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन (एबी-एनएचपीएम) लांच करने की स्‍वीकृति दी

नई दिल्ली ।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्‍द्र प्रायोजित आयुष्‍मान भारत-राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा मिशन (एबी-एनएचपीएम) लांच करने की स्‍वीकृति दे दी है। इसमें स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अनुष्‍मान मिशन के अंतर्गत केन्‍द्रीय क्षेत्र भी शामिल हैं।

प्रमुख तथ्य

1. देश की एक बड़ी आबादी को उपलब्ध कराने वाली कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना में केंद्र सरकार 60 फीसदी का अंशदान करेगी, जबकि पूर्वोत्तर और तीन पहाड़ी राज्यों में केंद्र का योगदान 90 फीसदी होगा.
2. इस योजना का पूरा भार केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार वहन करेगी | स्कीम पर निगरानी रखने के लिए एक अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव भी है| सरकार ने विभिन्न बीमारियों के इलाज में आने वाले खर्च के आधार पर 1,300 पैकेज का खाका तैयार किया है । अस्पतालों को इन्हीं पैकेज के आधार पर भुगतान किया जाएगा|
3. योजना के तहत राज्यों को विशेष नोडल ऑफिसर नियुक्त करने और सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से गरीब परिवारों की पहचान करने का काम दिया जा चुका है.
4. परिवारों को आधार डाटा से जोड़ दिया जाएगा, ताकि उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा आसानी से मुहैया कराई जा सके । सरकार देश के मौजूदा जिला अस्पतालों को अपग्रेड करके 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की स्थापना करेगी ।
5. योजना के तहत हर 3 संसदीय क्षेत्र या फिर एक ज़िले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा ।
6. योजना में प्रति वर्ष प्रति परिवार को पांच लाख रुपये का लाभ कवर किया गया है। प्रस्ताणवित योजना के लक्षित लाभार्थी दस करोड़ से अधिक परिवार होंगे।
7. परिवार एसपीसीसी डाटा बेस पर आधारित गरीब और कमजोर आबादी के होंगे। एबी-एनएचपीएम में चालू केन्द्र प्रायोजित योजना जैसे राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना (आरएसबीवाई) तथा वरिष्ठं नागरिक स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना (एससीएचआईएस) समाहित होंगी।

पृष्‍ठभूमि :

2008 में श्रम और रोजगार मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना (आरएसबीवाइ) लांच की थी । गरीबी रेखा के नीचे के पांच सदस्‍यों वाले परिवारों तथा असंगठित श्रमिकों की 11 अन्‍य परिभाषित श्रेणियों पर प्रतिवर्ष 30000 रुपये के लाभ कवरेज के साथ रोकड रहित स्‍वास्‍थ्‍य बीमा का प्रावधान इसमें शामिल है। राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना को स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली से एकीकृत करने तथा इसे भारत सरकार के व्‍यापक स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा विजन का हिस्‍सा बनाने के लिए राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना को 01-04-2015 से स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय को हस्‍तांतरित कर दिया गया। 2016-17 के दौरान 3.63 करोड़ परिवार देश के 278 जिलों में राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के अंतर्गत कवर किए गये और ये परिवार 8,697 पैनल में शामिल अस्‍पतालों में इलाज सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। एनएचपीएस इस तथ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए लाया गया है कि विभिन्‍न केन्‍द्रीय मंत्रालय तथा राज्‍य/केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों ने अपने लाभार्थियों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य बीमा/ सुरक्षा योजनाएं लागू की है। इन योजनाओं में मेलमिलाप करने की महत्‍वपूर्ण आवश्‍यकता है ताकि सुधरी सक्षमता, पहुंच तथा कवरेज का लक्ष्‍य हासिल किया जा सके।

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