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दुनिया का तीसरा बड़ा मुस्लिम सम्मेलन आलमी तब्लीगी इज्तिमा आज से,70 एकड़ में लगाया गया पंडाल,12 लाख लोग आने की उम्मीद

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भोपाल। शुक्रवार को सुबह फजिर की नमाज के साथ ही तीन दिनी आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आगाज होगा। यह दुनिया के तीसरा सबसे बड़ा मुस्लिम सम्मेलन आलमी तब्लीगी इज्तिमा है। विधानसभा चुनाव के कारण इस बार इज्तिमा को लेकर 23 से 25 नवंबर तक रहेगा खास इंतजाम।
इज्तिमा के लिए जमातों के आने का सिलसिला करीब दस दिन पहले से हो गया था। जमातों को शहर की विभिन्ना मस्जिदों ने ठहराया गया है। गुरुवार की सुबह से ही इन जमातों के इजित्मागाह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के अलावा भोपाल टॉकीज चौराहा से जमातों को इज्तिमागाह तक पहुंचाने के वाहनों का निशुल्क इंतजाम किया गया है। जिला प्रशासन ने भी जमातों के लिए बसों की व्यवस्था की है। इज्तिमा की व्यवस्थाएं संभालने के लिए 10 हजार से अधिक वालेंटियर तैनात हैं। शुक्रवार को यहां पर सुबह फजिर की नमाज सुबह 6 बजे होगी। इसके बाद उलेमा (मुस्लिम समाज के धर्मगुरु) के बयान होंगे। जुमे की नमाज भी यहीं पर पढ़ी जाएगी, जो पहली बार हो रहा है। इसके बाद 400 जोड़ों का निकाह होगा। शाम को असिर और मगरिब की नमाज और फिर देर रात तक उलेमाओं के बयान जारी रहेंगे।


आज ही होंगे 400 जोड़ों के निकाह
इस बार इज्तिमा का एक दिन पहले 25 नवंबर को शाम की दुआ के साथ समाप्त होगा। वहीं दूसरी ओर पहली बार इज्तिमा में निकाह भी पहले ही दिन शुक्रवार को कराए जाएंगे। इज्तिमाई निकाह कराने का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय में शादियों में होने वाली फिजूल खर्ची व दहेज के चलन को रोकना है। इज्तिमा में इस बार 400 जोड़ों का एकसाथ निकाह कराया जाएगा।
इज्तिमा में प्लास्टिक पर रहेगा प्रतिबंध
राजधानी के ईंटखेड़ी में आज से तीन दिवसीय इज्तिमा शुरू हो रहा है। पिछले साल की तरह से इस बार भी इज्तिमा स्थल पर प्लास्टिक और पन्न्यिों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इस बार भी ग्रीन इज्तिमा क्लीन इज्तिमा के चलते यहां पर साफ सफाई का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। इज्तिमा स्थल की जिस भी दुकान पर पॉलीथिन मिलेगी उस पर इज्तिमाई कमेटी द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी
70 एकड़ में लगा पंडाल, 250 एकड़ में पार्किंग
इज्तिमा की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। स्थल पर पंडाल लगाने का काम पूरा हो गया है। इस बार 70 एकड़ में पंडाल लगाया गया है। 250 एकड़ में पार्किंग और लगभग 40 एकड़ में फूड जोन की व्यवस्था की गई है। इज्तिमा कमेटी के सदस्यों के साथ-साथ शहर के खिदमतगार भी यहां की व्यवस्थाओं में भागीदारी निभा रहे हैं।
71 साल में पहली बार इज्तिमा में शाम को होगी दुआ
ईटखेड़ी स्थित घासीपुरा में 23 नवंबर से शुरू होने जा रहे आलमी तब्लीगी इज्तिमा में 71 साल में यह पहली बार होगा, जब आखिरी दिन दुआ-ए-खास दोपहर की बजाए शाम को मगरिब की नमाज के बाद करीब सात बजे होगी। इसकी वजह यह है कि इस बार पहली बार इज्तिमा एक दिन बढ़ाकर चार दिन का होना घोषित किया गया था। दो दिन पहले जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए आयोजन एक दिन पहले खत्म करने का आग्रह किया था। इसे कमेटी ने दिल्ली मरकज से मंजूरी लेकर मान लिया और इज्तिमा का एक दिन पहले 25 नवंबर को शाम के सम दुआ के साथ समापन करने का फैसला किया।
देश के साथ ही विदेशों से आती हैं जमातें
देश के विभिन्ना प्रदेशों और जिलों के अलावा कनाडा, किरगिस्तान, सोमालिया, अमेरिका, इंडोनेशिया, मलेशिया, कुवैत से भी जमातें आती हैं।
भोपाल से हुई थी आलमी तब्लीगी इज्तिमा की शुरुआत
आलमी तब्लीगी इज्तिमा की शुरुआत भोपाल से ही हुई थी। 4 लोगों से शुरू हुआ यह कारवां कई पढ़ाव पार करते हुए 14 लाख लोगों के मजमे तक आ गया है। पुराने भोपाल की घाटी भड़भूंजा स्थित चमेली वाली मस्जिद में मौलाना मिस्कीन साहब ने 4 लोगों की जमात के साथ इसकी शुरूआत की थी। तादाद बढ़ी तो इज्तिमा मस्जिद शकूर खां में लगने लगा। इसका अगला मुकाम उस जमाने की जामा मस्जिद मांजी मामोला में रहा। कुछ अरसे बाद इसे जुमेराती चौक की जामा मस्जिद फिर ताजुल मसाजिद में लाया गया। मक्का में हज और बांग्लादेश के इज्तिमा के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी संख्या भोपाल के इज्तिमे में जुटती है।यहॉ भी क्लिक करे।

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