Press "Enter" to skip to content

धर्म और अध्यात्म से विमुख होना ही सामाजिक विकृतियों का मूल कारण: स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज

मुजफ्फरनगर ।

गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज का मानना है कि आज समाज में जो विकृतियां है उसका मूल कारण लोगों का धर्म और अध्यात्म से विमुख होना है जब तक भौतिकवादी संस्कृति में धर्म पीछे और अर्थ आगे रहेगा तब तक समाज को विकृतियों से मुक्ति नहीं मिलेगी।
मुजफ्फरनगर में जीओ गीता-श्री कृष्ण कृपा परिवार और हरे कृष्णा प्रचार समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय दिव्य गीता सत्संग में प्र्वचन करने आए महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने आज ‘असल बात’ के साथ एक खास बातचीत में कहा कि नियम के मुताबिक अध्यात्म और धर्म को आगे और अर्थ को पीछे होना चाहिए लेकिन कलियुग में उल्टा हो रहा है यहां व्यक्ति अर्थ के पीछे अंधाधुंध भाग रहा है जिसके कारण उसके जीवन में तनाव, दबाव और चिंता महामारी की तरह लग गए है ऐसे में धर्म और अध्यात्म का मार्ग ही उसे इस संसार में शांति दिला सकता है । समाज को समझना चाहिए कि उसका लक्ष्य अर्थ नहीं बल्कि धर्म और अध्यात्म है।
एक सवाल के जवाब में महाराज श्री ने कहा कि धर्म में राजनीति स्वीकार्य नहीं है लेकिन राजनीति में धर्म नहीं होगा तो सत्ता लोलुपता बढ़ेगी और इससे देश का पतन ही होगा। अतः सत्ताधीशों को भी सकारात्मक सोच रखते हुए धर्म और मर्यादा का पालन करना चाहिए।

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.