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राजस्थान की सियासत में हो सकती है इस कद्दावर जाट नेता की एंट्री

जयपुर।

राजस्थान में चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस हरियाणा के जाट नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान में बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है। सूत्रों की मानें तो अविनाश पांडे की जगह उन्हें प्रदेश प्रभारी बनाया जा सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में कुमारी शैलजा को राजस्थान में स्क्रीनिंग कमेटी का प्रमुख बनाया है। शैलजा हरियाणा की प्रभावी दलित नेता हैं और दलित वोटों को साधने के लिए ही उन्हें राजस्थान में सक्रिय किया गया है।

वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री और झुंझुनूं के जाट नेता शीशराम ओला के निधन के बाद कांग्रेस के पास राजस्थान में कोई बड़ा जाट नेता नहीं है। भूपेन्द्र सिंह हुड्डा चार बार सांसद और 2005 से 2014 तक दो बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। राजस्थान के शेखावाटी इलाके के जाटों पर भी उनकी अच्छी पकड़ है। इसी सोच के चलते कांग्रेस राजस्थान के विधानसभा चुनाव में उनकी प्रभावी भूमिका रखना चाहती है। । सूत्रों के अनुसार हुड्डा को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर अविनाश पांडे की जगह उन्हें राजस्थान का प्रभारी बनाया जा सकता है। पिछले दिनों राजस्थान के एक वरिष्ठ नेता की मौजूदगी में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और हुड्डा की इस सम्बन्ध में वार्ता भी हो चुकी है। सूत्रों ने बताया कि हरियाणा की राजनीति में ही सक्रिय रहने के इच्छुक हुड्डा को राजस्थान में भी सक्रियता के लिए मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और प्रभारी अविनाश पांडे के बीच मतभेद की चर्चाएं लम्बे समय से चल रही हैं। हालांकि दोनों नेताओं ने समय- समय पर आपसी मतभेद की खबरों का खंडन किया है लेकिन चर्चा है कि पायलट अब भी पांडे की कार्यप्रणाली को लेकर सहज नहीं हैं। वे अपनी बात हाई कमान तक पहुंचा भी चुके हैं। पांडे को पिछले साल गुरदास कामत के स्थान पर प्रदेश प्रभारी बनाया गया था।

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