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राज्यसभा में रिटायर हो रहे सदस्यों को दी गई विदाई, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, हंगामे पर जताई चिंता

नई दिल्ली

राज्यसभा की सदस्यता से रिटायर हो रहे 40 सदस्यों को विदाई देते हुए पीएम मोदी समेत समूचे सदन ने शुभकामनाएं दी। इस दौरान सभी सदस्यों ने अपने अनुभव को सदन के साथ साझा किया। पीएम मोदी ने कहा कि रिटायर हो रहे सदस्यों के महत्वपूर्ण सुझावों के लिए उनका कार्यालय के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।

संसद में बजट सत्र के दूसरे चरण में लगातार 16 दिनों तक विपक्ष के हंगामे में होम होती रही राज्यसभा में पहली बार बुधवार को सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के विदाई भाषण की कार्यवाही चलाने के लिए शांति का माहौल नजर आया। इस कार्यवाही के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदन से विदाई लेने वाले सदस्यों को शुभकामनाएं दी और संसद में हो रहे हंगामे पर चिंता जताते हुए कहा कि कार्यकाल पूरा होने से पहले ये सभी सदस्य तीन तलाक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा में शामिल होकर इसके गवाह बनते, तो बेहद खुशी होती और उनके लिए वह यादगार पल होता। वहीं पीएम मोदी ने सदन में नए सदस्यों और पुन: निर्वाचित हुए सदस्यो का स्वागत भी किया। पीएम मोदी ने राज्यसभा के महत्व को विशेष करार देते हुए कि कि उन्हें उम्मीद है कि लोकसभा में हो रहे व्यववधान का उच्च सदन में सदस्यों को अनुसरण करने की जरूरत नहीं है। पीएम मोदी ने सेवानिवृत्त सदस्यों का आव्हान किया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे भले ही सदन का हिस्सा न हो, लेकिन उनके लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को साझा करने के लिए पीएमओ के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे।

विदाई है जुदाई नहीं: आजाद

उच्च सदन के सेवानिवृत्त सदस्यों के सम्मान में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह विदाई है, यह जुदाई नहीं है। उन्होंने कहा कि विदाई तत्कालिक है और नेता कभी रिटायर नहीं होता है। नेता संसद सदस्य न होते हुए भी देश व समाज में अपनी सेवाएं देता रहता है। आजाद ने सदन से विदाई लेने वाले सदस्यों को शुभकामनाएं दी। वहीं उन्होंने सेवानिवृत्त होने वाले सासंदों में शामिल नरेश अग्रवाल पर तंज कसते हुए कहा कि वह एक ऐसा सूरज है जो इधर डूबे, उधर निकले, इधर निकले तो उधर डूबे। आजाद की इस टिप्पणी से सदन में ठहाके लगने लगे और खुद नरेश अग्रवाल भी मुस्कराते नजर आए। हालांकि आजाद ने कहा कि उन्हें यकीन है कि वह जिस पार्टी में भी जा रहे हैं वह पार्टी उनकी क्षमता का पूरा उपयोग करेगी। आजाद ने कहा कि सांसदों ने लोकतंत्र को जिंदा रखा है, जो अपने लिए नहीं, बल्कि हम पानी, बिजली, बैंकों की लूट के लिए लड़ रहे हैं।

सुर्खियों में रहे नरेश अग्रवाल व रेणुका चौधरी

राज्यसभा से विदाई के मौके पर सपा से भाजपा में गये नरेश अग्रवाल व कांग्रेस सदस्य रेणुका चौधरी सुर्खियों में रहे। मसलन नरेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह कई बार उनके लिए कटु शब्द कहे इसके बावजूद उन्होंने मुझे स्वीकार किया। अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने कभी अपमान सहा नहीं है और उनकी चौथी पीढ़ी राजनीति में है। भाजपा में शामिल होने पर नरेश अग्रवाल ने कहा कि उनके अंदर कुछ तो विशेषता होगी, जिसकी वजह से उनके कुछ गलत बयानों के बाद भी मुझे पार्टी में शामिल किया गया। वहीं राज्यसभा में विदाई भाषण के दौरान रेणुका चौधरी ने पुरानी यादे ताजा करते हुए कहा कि सदन में महिलाओं की भागीदारी बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर आज भी सूर्पनखा जैसी टिप्पणी की जा रही है। उन्होंने सोनिया गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीति में उनका योगदान देश भूल नहीं पाएगा। उन्होने कहा कि हमने ऐसे-ऐसे नेता सदन में देखे हैं जो रात-दिन जनता के लिए तैयार रहते हैं।

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बिना बोले जाएंगे सचिन व रेखा

राज्यसभा में विदाई लेने वालों में क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर व सिने तारिका रेखा गणेशन भी शामिल है, जो बिना सदन में बिना बोले सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सचिन तेंदुलकर के नाम क्रिकेटर के तौर पर भले ही कई विश्व रिकॉर्ड दर्ज हों, लेकिन वे राज्यसभा में बिना कोई रिकॉर्ड बनाए विदा हो रहे हैं। अप्रैल में सचिन की राजनीतिक पिच पर पारी खत्म हो जाएगी। सचिन सदन में एक बार भी नहीं बोल सके हैं, जब बोलने का मौका मिला तो कांग्रेस उनके रास्ते का कांटा बनकर उभरी। इसी प्रकार सिने तारिका रेखा भी भले ही फिल्म जगत में छाई रही हों, लेकिन राज्यसभा में छह साल में एक भी बार नहीं बोली। ये दोनों सदस्य ऐसे रहे जिनकी सदन में उपस्थिति भी मात्र सदस्यता बचाने तक ही सीमित रही।

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विदाई लेने वाले प्रमुख सांसद

राज्यसभा से विदाई लेने वाले प्रमुख सांसदों में उपसभापति एवं कांग्रेस सदस्य प्रो. पीजे कुरियन, एम. रहमान, सत्यवृत, प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला, शादीलाल बत्रा, हॉकी खिलाड़ी एवं बीजद के दिलीप टिर्की, टीएमसी के तपन कुमार सेन व कुनाल घोष के अलावा भाजपा के विनय कटियार व भूषणलाल जांगडे, राकांपा के डीपी त्रिपाठी के अलावा जदयू के अनिल साहनी व विशिष्ठ नारायण सिंह, मनोनीत सदस्य अनु आगा शामिल हैं।

राज्यसभा के 60 सदस्यों की बुधवार को विदाई देने के बाद सदन की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के कारण सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सेवानिवृत्त हो रहे साठ सदस्यों को विदाई दी गयी, विदाई में सभापति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सदन के नेता अरुण जेटली, विपक्ष के नेता गुलाम नबी आकााद ने सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को शुभ कामनायें दीं और इन सदस्यों के साथ अपने अनुभव साझा किये।

 

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