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राज्‍यसभा चुनाव: BJP की होगी बल्‍ले-बल्‍ले, कांग्रेस और सपा को सबसे ज्‍यादा घाटा


23 मार्च को चुनाव के बाद पलड़ा बीजेपी के पक्ष में झुक जाएगा. उसे 25 से ज्‍यादा सीटों पर जीत मिल सकती है।

 

राज्यसभा की 58 सीटों के लिए अगले महीने 23 मार्च को चुनाव होने जा रहे हैं. इन चुनावों के बाद संसद के उच्‍च सदन की तस्‍वीर बदल जाएगी और बीजेपी बहुमत में आ जाएगी. वर्तमान में बीजेपी 58 सांसदों के साथ सबसे बड़ा दल है लेकिन कांग्रेस और उसके बीच ज्‍यादा अंतर नहीं है. कांग्रेस के पास 54 सांसद है। इन दोनों दलों के बाद सपा की बारी आती है जिसके पास 18 सांसद हैं।

23 मार्च को चुनाव के बाद पलड़ा बीजेपी के पक्ष में झुक जाएगा. उसे 25 से ज्‍यादा सीटों पर जीत मिल सकती है. यूपी, गुजरात, महाराष्‍ट्र में उसकी सरकार है और उसे इसका फायदा भी मिलेगा. अप्रैल में केन्द्रीय अरुण जेटली, जेपी नड्डा, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, राजीव शुक्ला, रेणुका चौधरी और मनोनीत सदस्य रेखा, सचिन तेंदुलकर जैसे बड़े दिग्‍गजों का कार्यकाल पूरा होगा।

अप्रैल में भाजपा के 17, कांग्रेस के 12, सपा के छह, बसपा, शिवसेना, माकपा के एक-एक, जदयू, तृणमूल कांग्रेस के 3-3, तेदेपा, राकांपा, बीजद के 2-2 निर्दलीय तथा मनोनीत तीन सदस्य का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है. यूपी में 10 सीटों के लिए चुनाव होने हैं. बीजेपी को इनमें से सबसे ज्‍यादा सीटें मिलेगी. यूपी कोटे के जिन 9 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें सपा के 6 सदस्यों में क्रमशः नरेश अग्रवाल, जया बच्चन, किरणमय नंदा, दर्शन सिंह यादव, मुनव्वर सलीम और आलोक तिवारी के नाम शामिल हैं, बाकी 3 सदस्य क्रमशः बसपा के एम. अली, भाजपा के विनय कटियार और कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी हैं।

हालांकि यूपी विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी के 312 विधायकों की गिनती के आधार पर राज्यसभा की 10 में से 8 सीटें बीजेपी को मिलनी तय है और 47 विधायकों वाली सपा की झोली में 1 सीट जाएगी जबकि शेष बची 1 सीट अपने पाले में रखने के लिए विपक्षी दल सपा, बसपा और कांग्रेस में सरगर्मियां तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अगर विपक्ष में संयुक्त उम्मीदवार को लेकर सहमति बनती है तो यह सीट उन्हें मिल सकती है।

गुजरात से रिटायर हो रहे चार सदस्‍यों में से दो की सीटें कांग्रेस को मिलने की उम्मीद है, जबकि महाराष्ट्र से उसके रिटायर हो रहे दो सदस्यों में से एक को वह वापस ला पाएगी. इससे पहले जनवरी में दिल्‍ली से तीन राज्‍य सभा सीटों पर आप के सांसद चुने गए थे. पहले ये तीनों सीटें कांग्रेस के पास थी. जनार्दन द्विवेदी, परवेज हाशमी और डॉ. कर्ण सिंह के जाने के बाद कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 54 रह गई।

ये हो रहे हैं रिटायर :
भाजपा- एल गणेशन, थावरचंद गहलोत, मेघराज जैन, अरुण जेटली, मनसुख लाल मंडाविया, जे पी नड्डा, भूषणलाल जांगिड़, प्रकाश जावड़ेकर, विनय कटियार, बसवाराज पाटिल, धर्मेन्द्र प्रधान, रविशंकर प्रसाद, रंगासायी रामकृष्णन, पुरूषोत्तम रूपाला, अजय संचेती, शंकरभाई एन वेंगड़, भूपेन्द्र यादव.
कांग्रेस- शादीलाल बत्रा, सत्यव्रत चतुर्वेदी, डॉ के चिरंजीवी, रेणुका चौधरी, रहमान खान, रजनी पाटिल, राजीव शुक्ला, प्रमोद तिवारी, नरेन्द्र बुढ़ानिया व अभिषेक मनु सिंघवी.
जदयू- डॉ. महेन्द्र प्रसाद, अनिल कुमार सहानी, वशिष्ठ नारायण सिंह।

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