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लोकसभा चुनाव 2019: भाजपा काट सकती है 48 सांसदों के टिकट

नयी दिल्ली।

भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के अपने मौजूदा लोकसभा सदस्यों में से 48 के टिकट काट कर उनकी जगह 2019 के संसदीय चुनाव में नये चेहरों को मैदान में उतार सकती है। इस आशय की जानकारी पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों से छन-छन कर मिल रही है। भाजपा 2019 के संसदीय चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट चुकी है। कर्नाटक, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे विधानसभा चुनाव वाले राज्यों को छोड कर बाकी राज्यों के मौजूदा लोकसभा सदस्यों के कामकाज पर पार्टी के अंदर उच्च स्तर पर मंथन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले राज्य उत्तर प्रदेश में पार्टी बडी उम्मीद रखती है और वह हर हाल में 2014 वाले शानदार प्रदर्शन को दोहराना चाहती है। नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों, खासकर कानून व्यवस्था में सुधार से जनमानस में पार्टी की छवि बेहतर बनी है। ऐसे में भाजपा आलाकमान प्रत्याशियों के चयन में कोई कोर-कसर नही छोडना चाहता है जिससे जनता में प्रत्याशी की प्रतिकूल छवि के कारण पार्टी को हार का सामना करना पडे।
उच्च पदस्थ सूत्रों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के वर्तमान भाजपा सांसदों में 48 ऐसे हैं जिनके बारे में पार्टी खास सर्वे करा रही है। इन सभी के टिकट पर तलवार लटक रही है। भाजपा उत्तर प्रदेश के अपने मौजूदा सांसदों के बारे में चार स्तरों से सूचनाएं जुटा रही है। केंद्रीय टीम, प्रांतीय टीम, संघ और खुफिया इनपुट पर विचार के बाद ही कोई निर्णय होगा। मेरठ में
सरसंघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में गत 25 फरवरी को संपन्न हुए ऐतिहासिक राष्ट्रोदय आयोजन के बाद संघ की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूदा सांसदों के कामकाज की समीक्षा में लग चुकी है। संघ के पश्चिमी यूपी प्रभारी पद्म सिंह के अनुसार स्वयंसेवक गांव व कस्बों में लोगों को संघ कार्य से जोडने के साथ ही उनकी समस्याओं का भी पता लगाएंगे। ऐसे में यदि संघ विचार के जनप्रतिनिधियों के बारे में फीडबैक मिलती है तो उसे संबंधित फोरम पर रखा जाएगा। कामकाज की समीक्षा के मुख्य बिंदुओं में सांसद की क्षेत्र में उपलब्धता, सांसद निधि के विकास कार्यों की स्थिति, जनसमस्याओं को लेकर उसकी संवेदनशीलता, जनता में छवि, कामकाज को लेकर विवाद की स्थिति, सोशल मीडिया और पार्टी कार्यक्रमों में सहभागिता आदि शामिल हैं।
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