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वीवीआईपी ट्रेनों में हवाई जहाज की तर्ज पर खानपान  -5 जुलाई से राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, में सुविधा होगी शुरू 

नई दिल्ली, 29 जून (ब्यूरो) : भारतीय रेलवे की वीआईपी प्रमुख रेलगाडिय़ों राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी, दूरंतो में आगामी 15 जुलाई से परंपरागत खानपान सेवा का स्वरूप बदल जाएगा। इन ट्रेनों में हवाई जहाज की तर्ज पर खानपान परोसा जाएगा। साथ ही स्वाद व गुणवत्ता के लिए ब्रांडेड कंपनियों के रेडी टू ईट (कॉम्बो मील) मील दिया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा प्राप्त बावर्दी वेंडर सलीके से खानपान सेवा को अंजाम दिया जाएगा। इसके बाद अगले 3 महीने में सभी रेलगाडिय़ों में खानपान की नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
जानकारी के मुताबिक अब तक की जो तैयारी है उसके हिसाब से 15 जुलाई से 11 राजधानी एक्सप्रेस, 14 दुरंतो एक्सप्रेस व 1 एसी स्पेशल ट्रेन में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। इस व्यवस्था के साथ ही प्रीमियम ट्रेनों में खाने के मेन्यू में बदलाव किया गया है। इसमें ब्रेक फास्ट में चॉकलेट बार को शामिल किया गया है। जबकि, लंच व डिनर में सूखी सब्जी व बोनलेस चिकन परोसा जाएगा। इसके अलावा परंपरागत खाने की बजाए ब्रांडेड कंपनियों का रेडी टू ईट खाने को दिया जाएगा। इससे खाने की गुणवत्ता, सफाई व स्वाद बेहतर होगा।
खास बात यह है कि वीआईपी ट्रेनों में भोजन परोसने वाले वेंडर अधिक पढ़े लिखे और नई वर्दी में नजर आएंगे। ट्रेन तक खाने को ई कार्ट से लाया जाएगा और यात्रियों को हाथों की बजाए वेंडर टॉली से खाना परोसेंगे। खाने की ट्रे जैविक रूप से विघटित होने वाली होंगी जिससे पर्यावरण को कम नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि ठेकेदार प्रत्येक ट्रेनन में दस प्वांइट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन वितरित करेंगे। कुल 3000 पीओएस खरीदी जाएंगी। खानपान बिक्री का सामान पीओस से किया जाएगा और यात्रियों को इसका बिल भी दिया जाएगा। इसमें स्टोरेज व वॉशिंग के लिए पर्याप्त जगह होगी। ट्रेनों में खानपान सेवा की कमान आईआरसीटीसी इंस्पेक्टरों के हाथ में होगी, जो मौके पर ही ठेकेदारों पर जुर्माना कर सकेंगे। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो कड़ी निगरानी तंत्र से खानपान सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने में आसानी होगी। इसके अलावा शताब्दी एक्सप्रेस के मैन्यु में बदलाव करने की योजना है। सभी गरीब रथ ट्रेनों में मिनी पेंट्रीकार लगाने का कार्य आंरभ होगा। इसके लिए कोच में चार में से एक टॉयलेट को हटा दिया जाएगा। प्रयोग सफल होने पर चरणबद्ध तरीके से सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में मिनी पेंट्रीकार लगाने का काम किया जाएगा।
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