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शिक्षा संस्थानों को किसी समुदाय से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं : कोविंद

अलीगढ़ ।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के दीक्षांत समारोह में कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण संस्थानों को किसी समुदाय से जोड़कर देखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि एएमयू के लिए आर्थिक मदद देने वालों में बनारस के महाराजा भी शामिल थे। राष्ट्रपति ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी देश के विकास में खास भूमिका निभाती रही है और यह आधुनिक भारत के साथ दक्षिण-एशिया और दुनियाभर में अपने विद्यार्थियों के योगदान के लिए मशहूर है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि उन्हें एएमयू में आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। देश के विकास में खास भूमिका निभाती रही यह यूनिवर्सिटी 2020 में अपने सौ साल पूरे करने जा रही है। पूरी दुनिया में इसकी पहचान है। यहां से निकले विद्यार्थी एशिया और अफ्रीका के विभिन्न देशों की सरकारों में प्रमुख पदों पर रहे हैं। इथियोपिया के दौरे पर वहां के प्रधानमंत्री की पत्नी ने बताया कि वे भी एएमयू में पढ़ चुकी हैं।

राष्ट्रपति कोविन्द ने याद दिलाया कि भारत-रत्न खान अब्दुल गफ्फार ख़ान , दक्षिण अफ्रीका की आज़ादी की लड़ाई में पहली कतार के सेनानियों में शामिल रहे डॉ. युसुफ मोहम्मद दादू आदि जाने-माने लोग एएमयू के छात्र रहे। पूर्व राष्ट्रपति डा. ज़ाकिर हुसैन ने यहां के छात्र भी रहे और वाइस चान्सलर भी। राष्ट्रपति कोविंद ने डॉ. अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कलाम का जीवन हर भारतवासी के लिए प्रेरणास्रोत है। नौजवान उन्हें आदर्श के रूप में देखते हैं। शिक्षा के लिए ललक और कुछ कर गुजरने की लगन के बूते उन्होंने वैज्ञानिक बनने के अपने सपने को साकार किया। डॉ. कलाम चाहते तो किसी भी विकसित देश में आरामदेह जिंदगी बिता सकते थे लेकिन वे अपने देश में ही रहकर समाज और देश को बेहतर बनाने की तपस्या करते रहे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि इस्मत चुगताई और मुमताज़ जहां जैसी महिलाओं ने भारतीय समाज और एएमयू की शान बढ़ाई। अमरोहा के एक साधारण परिवार की बेटी खुशबू मिर्ज़ा की चंद्रयान मिशन में अहम भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खुशबू जैसी बेटियों ने ‘चिलमन से चाँद’ तक का शानदार सफर किया। उन्हों ने कहा कि एएमयू के विद्यार्थियों में लगभग 37 फीसदी लड़कियां हैं। इस साल के पदक विजेताओं में आधे से अधिक लड़कियां हैं। यह भविष्य के विकसित भारत की झलक है। इन बेटियों की आवाज, बदलाव की आवाज है। इस आवाज को क्लासरूम में भी और यूनिवर्सिटी के बाहर भी पूरा महत्व मिलना चाहिए। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सुबह 11 बजे वायुसेना के हेलिकॉप्टर से अलीगढ़ पहुंचे थे। वे राज्यपाल राम नाईक के साथ एएमयू के एथलेटिक ग्राउंड पहुंचे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे।

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