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हरियाणा : इनाम राशि को लेकर सरकार और खिलाड़ियों में ठनी

चंडीगढ़ ।

रेसलिंग की दुनिया में मशहूर फोगाट बहनों की इनाम राशि को लेकर हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में न तो फोगाट बहनों की और न ही किसी और खिलाड़ी की कोई इनाम राशि सरकार पर बकाया है। इस खबर के वायरल होने के बाद रेसलर गीता फोगाट ने ट्वीट कर दिया है कि 2012 के बाद उन्हें कोई ईनाम राशि नहीं मिली है।
दादरी जिले की फोगाट बहनें रेसलिंग की दुनिया की जानी मानी नाम हैं। गीता, बबीता, संगीता और ऋतु सगी बहनें हैं और विनेश उनकी चचेरी बहन हैं। विनेश और बबीता राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। गीता फोगाट भारत की ऐसी पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक में महिला कुश्ती में क्वालीफाई किया था। बबीता और विनेश फिलहाल कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया गई हैं। फोगाट बहनों ने कहा था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी घोषणाएं पूरी नहीं की हैं। इस पर खेल मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को कहा कि न तो फोगाट बहनों की और न ही हरियाणा के किसी अन्य खिलाड़ी की इनाम राशि सरकार पर बकाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल लगभग पौने 200 करोड़ रुपये के इनाम बांटे थे। सीएम की घोषणाओं को एक सेल देखता है और एक सीनियर अधिकारी एक-एक घोषणा को पूरा करने का काम देखता है।
विज का बयान मीडिया में वायरल होने के बाद रेसलर गीता फोगाट ने शुक्रवार शाम को एक ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है, “पर सच तो यह है कि अभी तक बड़े गेम्स को छोड़कर 2012 के बाद से हमें कोई भी ईनाम राशि अभी तक नहीं दी गई है और ऐसा है तो फिर स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट हमें क्यों बार-बार फॉर्म भरने को बोलता है। अगर हम झूठ बोल रहे हैं तो स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट इसका प्रुफ दिखाए।“
भारत के लिए ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान साक्षी मालिक के कोच की ईनाम राशि को लेकर भी विवाद बना हुआ है। रोहतक की साक्षी 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक और 2016 में रियो डि जिनेरियो में हुए ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। ओलंपिक की उपलब्धि के लिए उनके कोच को भी सरकार की ओर से घोषित ईनाम राशि दी जानी थी लेकिन कोच के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। अलग-अलग पैनल से कोच के लिए कुलदीप और ईश्वर के नाम सरकार के पास दर्ज कराए गए थे जबकि साक्षी मनदीप कोच से प्रशिक्षण लेती रही थीं। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, विज ने शुक्रवार को कहा कि इनाम राशि के लिए पहले चार कोच के नाम दिए गए थे। बाद में एक कोच का नाम इनाम राशि के लिए दिया गया है। अगर वह कोच अपनी ईनाम राशि लेना चाहें तो विभाग में जाकर ले सकते हैं।
खेल मंत्री का कोच का नाम न बताना और `चाहे तो ईनाम राशि विभाग में जाकर ले सकता है`, जैसा वाक्य बोलना भी हैरानी का विषय बना हुआ है। साक्षी कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना हो चुकी हैं। उनकी मां सुदेश मलिक ने `असल बात` को फोन पर बताया कि उन्हें खेल विभाग की तरफ से ऐसी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि साक्षी की ओर से कोच मनदीप का नाम ही भेजा गया है।

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