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कर्नाटक के 17 अयोग्य विधायकों को मिली उप चुनाव लड़ने की अनुमति

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के अयोग्य करार दिए गए 17 विधायकों को राहत प्रदान करते हुए चुनाव लड़ने के आदेश दे दिए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने 17 विधायकों को चुनाव लडने से अयोग्य करार दे दिया था। इन अयोग्य 17 विधायकों में 14 विधायक कांग्रेस और 3 विधायक जेडीएस के हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं, जिसमें फैसला दिया गया है कि सभी 17 विधायक उपचुनाव लड़ सकते हैं। कल से हम सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाने वाले हैं। हम सभी 17 सीटें 101 प्रतिशत जीतने जा रहे हैं। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ मोदी सरकार से कुछ सवाल पूछे हैं। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि क्या राजनीति की शुचिता की रोज़ दुहाई देने वाले मोदी जी अब ‘नाजायज़’ येदयुरप्पा सरकार को बर्खास्त करने का साहस दिखाएंगे? क्या ‘ऑपरेशन कमल’ की निष्पक्ष जांच होगी? और क्या येदयुरप्पा व अमित शाह की भूमिका की जांच होगी? सुप्रीम कोर्ट के फैसले में स्पीकर द्वारा विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने को सही ठहराया गया है। अर्थात कांग्रेस और जेडीएस के ये 17 विधायक अब अयोग्य साबित हो गए हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की ओर से विधायकों को कुछ राहत भी मिल गई है, जिसके तहत सभी दोबारा चुनाव लड़ सकेंगे।

5 दिसंबर को होने हैं उपचुनाव

इन विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की वजह से 17 में से 15 सीटों के लिए पांच दिसंबर को उपचुनाव हो रहे हैं। अयोग्य विधायकों ने अपनी याचिका में 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनाव पर रोक लगाने की मांग की थी। विधायकों का कहना था कि उपचुनाव तब तक नहीं होने चाहिए, जब तक कि उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला न आ जाए।

कर्नाटक विधानसभा का गणित

कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी के पास 105 विधायक हैं जबकि एक निर्दलीय विधायक ने समर्थन दिया है। वहीं विपक्ष (कांग्रेस+जेडीएस+बीएसपी) के पास कुल 101 सीटें हैं। इसमें कांग्रेस के पास 66, जेडीएस के पास 34 और बीएसपी के पास 1 सीट है। इन 17 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव से पहले पाला बदलते हुए इस्तीफा दे दिया था, जिसकी वजह से तत्कालीन स्पीकर आर रमेश कुमार ने इन्हें अयोग्य ठहरा दिया था। इसमें 14 विधायक कांग्रेस और 3 जेडीएस के थे। इस वजह से सदन में सदस्यों की संख्या घटकर 211 रह गई थी और मैजिक नंबर 106 हो गया था। इस आधार पर बीजेपी कर्नाटक में सरकार बनाने में सफल रही थी। कर्नाटक की फिलहाल जो 17 सीटें खाली हैं उनसे 15 सीटों पर 5 दिसंबर को उपचुनाव होने हैं।

 

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