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सुप्रीम कोर्ट ने हुड्डा सरकार के समय हुई मानेसर लैंड डील की रद्द , सत्ता का दुरुपयोग माना

चंडीगढ़।

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की पूर्ववर्ती भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के समय हुए मानेसर लैंड डील संबंधी आदेश को रद्द करते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग माना है।

मानेसर लैंड डील में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर इंडियन नेशनल लोकदल ने खुशी जाहिर की है। पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर शिकंजा कसे जाने से उत्साहित दिखाई दे रहे इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने बहादुरगढ़ में कहा कि इस मामले में अगले दो महीने में और बड़े तथ्य जनता के सामने आएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए किसानों की जमीन अपने चहेतों को दे दी थी।

दुष्यंत चौटाला बहादुरगढ़ में अपने पिता अजय चौटाला के जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने हरियाणा की भाजपा सरकार पर हुड्डा को बचाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोर्ट के दखल के कारण भाजपा को मजबूरी में इस केस में सक्रियता दिखानी पड़ रही है। गौरतलब है कि मानेसर लैंड डील में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनकी सरकार के कई अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं। सीबीआई हुड्डा समेत 34 लोगों के खिलाफ 80 हजार पेज की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

मानेसर लैंड डील में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। गौरतलब है कि 2007 में मानेसर के पास स्थित पांच गांवों की जमीन पर सेक्शन 4 और 6 के नोटिस दिए जा चुके थे लेकिन तत्कालीन प्रदेश सरकारों ने जमीन का अधिग्रहण रद्द कर दिया था और यह जमीन निजी बिल्डर्स ने खरीद ली थी।  सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में स्पष्ट रूप से सत्ता का दुरुपयोग किया गया है। 27 अगस्त 2004 से 29 जनवरी 2010 के बीच खरीदी गई जमीन और बिल्डर्स को दिए गए चेंज ऑफ लैंड यूज के लाइसेंस सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक हरियाणा अरबन डेवलेपमेंट ऑथोरिटी (हुडा) व हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन लि.(एचएसआईआईडीसी) के अधीन रहेंगे। किसानों से उनकी जमीन के बदले मिली कीमत वापस नहीं ली जाएगी। अलबत्ता, किसान कीमत से संतुष्ट न हों तो रेफरेंस कोर्ट जा सकते हैं। किसानों को बिल्डर्स ने सस्ते दाम पर भुगतान किया हो तो किसानों को बाकी भुगतान हरियाणा सरकार करेगी। जमीन का रेट पहली बार हुए जमीन सौदे के हिसाब से तय होगा। बिल्डर्स अपने खर्च की रिकवरी के लिए हुडा/ एचएसआईआईडीसी के पास आवेदन कर सकते हैं। प्राइवेट बिल्डर्स से फ्लेट-प्लॉट खरीद चुके लोगों को फ्लेट-प्लॉट दिेए जाएंगे। ऐसा न होने पर ये लोग अपना पैसा वापस मांग सकते हैं। बिचौलियों से रिकवरी की जाएगी और उनकी अननैचरल कमाई की सीबीआई जांच करेगी।

गौरतलब है कि मानेसर जमीन घोटाले की जांच के लिए राज्य सरकार के आयोग को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में फैसला यथाशीघ्र, मुमकिन हो तो दो महीने के भीतर सुनाने के लिए कहा है। इस तरह किसानों को बड़ी राहत सुनिश्चित हुई है तो हुड्डा पर शिकंजा और ज्यादा कसता दिखाई दे रहा है।

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