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1984 सिख विरोधी दंगा, सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को भेजा नोटिस

नई दिल्ली

उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में आरोपी कांग्रेस नेता सज्जन कुमार से, उनकी अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली एसआईटी की एक याचिका पर जवाब मांगा है।

गौरतलब है कि कुमार को दिल्ली उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत की मंजूरी मिली थी जिसे चुनौती देते हुए एसआईटी ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति ए के सीकरी एवं न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करने का समय आ गया है। पीठ ने कहा कि यह 30 साल से भी अधिक पुराना मामला है और अग्रिम जमानत को मंजूरी देने के लिए उच्च न्यायालय ने करीब 200 पन्नों का उपयोग किया जबकि यह काम महज 40-50 पन्नों में किया जा सकता था। एसआईटी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि सिर्फ 2016 में कुमार के खिलाफ जांच शुरू हुई और अब उनके पास वकीलों की फौज है जो मामले के जांच अधिकारियों को उनके बयान बताते हैं।

एएसजी ने बताया कि उन्हें अग्रिम जमानत की मंजूरी देते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि मामले की सुनवाई में सभी बातों पर गौर किया जायेगा लेकिन आखिर में सबूत के अभाव की बात कहकर उन्हें राहत दे दी गयी। इस पर पीठ ने कहा कि क्या अग्रिम जमानत देते वक्त इन सभी बातों पर गौर किया गया ? जिसके बाद पीठ ने यह नोटिस जारी किया। 22 फरवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता कुमार को, वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के दो मामलों में निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए अग्रिम जमानत दी थी। निचली अदालत ने उन्हें 21 दिसंबर, 2016 को अग्रिम जमानत दी थी।

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