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जीव जीव का मिलन रासलीला नहीं,आत्मा परमात्मा के साथ नृत्य करें वही रासलीला है-ठाकुर जी महाराज

शुकतीर्थ(मुजफ्फरनगर)।
विश्व शांति सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत शुक तीर्थ में कथा के छठे दिन कथा व्यास शांति दूत परम पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने बृज लीलाओं का वर्णन करते हुए रासलीला के बारे मे विस्तार से बताया। महाराज श्री ने कहा कि रासलीला पंचाध्यायी है पांच अध्यायों में रासलीला समझाई गई है रासलीला का अभिप्राय भक्त और भगवान का मिलन है जीव जीव का मिलन रासलीला नहीं कही जा सकती है आत्मा परमात्मा के साथ नृत्य करें वही रासलीला है। रासलीला का गलत मतलब प्रचलित हो रहा है गोपियां तो ब्रह्मचारिणी है वहीं श्रीकृष्ण अखंड ब्रह्मचारी कहे गए ऐसे में ही सुंदर लीला को गलत तरीके से इसे प्रचारित करना दुर्भाग्य शाली है।
बैकुंठ लीला का वर्णन करते हुए विस्तार से व्याकुल लोग का परिदृश्य उपस्थित किया वहीं बृजवासी वैकुंठ को त्यागकर ब्रज में निवास करने के लिए आतुर हुए गोपी का अर्थ बताते हुए कहा कि जो अपनी इन्द्रियों का उपयोग भगवान श्री कृष्ण के लिए ही करते हैं वही गोपी कहें गऐ। गोपियों को कुछ साधारण नहीं समझना चाहिए और ब्रज का तो वृक्ष कण-कण कृष्ण मय है। गोपियां तपस्वी का ही स्वरूप है। अन्न को ब्रह्म माना गया है भगवान को भोग लगाकर भोजन को प्रसाद समझकर करना चाहिए भगवान को लगा भोग का प्रसाद व्यर्थ नहीं करना चाहिए। हमें संत के क्षण और अन्न के कण व्यर्थ नहीं करनी चाहिए। इंद्र मर्दन की कथा के साथ -साथ गोपी गीत का पाठ सभी को संगीतमय कराया कथा व्यास जी ने धर्म और धर्मात्मा दोनों का सम्मान करने के लिए भक्तों से कहा हमारी गलती तब होती है जब कथा शुरू हई हम गंगा स्नान करते हैं परंतु न कथा ही श्रवण की और नही गंगा स्नान किया और अधर्म करके घर चले गऐ ऐसी परिस्थितियों में भयंकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नाम की महिमा का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने नाम महाराज मंदिर की स्थापना का संकल्प लेते हुए कहा कि यदि ईश्वर चाहेगे तो 51 करोड़ नाम लिखने के साथ मंदिर की स्थापना हो। इस से पूर्व डॉ प्रदीप शर्मा योगाचार्य दिल्ली नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन मास्टर सत्यपाल सिंह, श्रीमती उषा दीक्षित पूर्वमहापोर दिल्ली ने उपस्थित होकर व्यास पूजन करा कथा का शुभारंभ किया तत्पश्चात मुख्य यजमान दिल्ली से पधारे श्री मुकेश पांडे जी ने से पत्नी भागवत पीठ का पूजन संपन्न कराया इस अवसर पर मुख्य रूप से महामृत्युंजय सेवा मिशन अध्यक्ष पंडित संजीव शंकर, एस पी अग्रवाल, जेपी सिंघल, सुरेश गोयल जयपुर, सतीश गर्ग आगरा, मुख्य रूप से उपस्थित रहे वहीं कथा का कुशल संचालन विजय शर्मा जी द्वारा किया गया

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