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दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान, भारतीय रक्षा कोष को दिया था 5 टन सोना दान

गर ये कहा जाए कि कभी एक भारतीय दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति था तो आपको यकीन नहीं आएगा मगर ये सच है 1930 के दशक में हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान साहब दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे उस वक्त उनकी कुल दौलत 2 बिलियन डॉलर से भी अधिक थी,उनकी अमीरी का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके पास दुनिया का पांचवां सबसे कीमती हीरा जैकब था जिसकी आज कीमत 10 करोड़ पाउंड्स है उस हीरे को निजाम के ऑफिस में पेपर वेट की तरह इस्तेमाल किया जाता था उनकी खुद की एयरलाइन और रेलवे भी थी इतना ही नही उनकी रियासत आंध्र कर्नाटक और महाराष्ट्र में फैली थी जो कि यूनाइटेड किंगडम से भी बड़ी थी।उनकी अमीरी उनके स्वभाव के विपरीत थी वे अपने कपड़े कई कई दिन नहीं बदलते थे और एक पाउंड रोजाना से ज्यादा अपने ऊपर नहीं खर्च करते थे,
1965 पाकिस्तान विजय के बाद भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा ताक

तत्कालीन प्रधानमंत्री शास्त्री जी के साथ निजाम साहब

तवर पड़ोसी चीन से था। उन हालातों में भविष्य में उत्पन होने वाले खतरे से निपटने के लिए प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने National Defence Fund का गठन किया..और Government of India ने राजाओं से सहयोग की अपील की मगर इस मुश्किल वक्त में कोई आगे नहीं आया और सब कुछ उम्मीद के खिलाफ हुआ। फिर प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने हैदराबाद का रुख कियाय वह जानते थे कि Nizam Mir Osman Ali Khan भारतीय सरकार को कभी मायूस न करेंगे । तत्कालीन प्रधानमंत्री हैदराबाद गये और निजाम से आग्रह किया कि वह खुले दिल से National Defence Fund में योगदान करें।
बगैर हिचकिचाए Nizam Mir Osman Ali Khan ने एलान किया कि वह 5 टन सोने से National Defence Fund को इमदाद करेंगे ।
Nizam के इस ऐलान ने वहाँ मौजूद तमाम लोगों को हैरत में डाल दिया। आज इस दान की कीमत 1500 करोड़ से भी ज्यादा है,मगर बात सिर्फ इतनी ही नहीं थी जब सोना देने के बाद उनके खाली बॉक्स नहीं लौटाए गए तो उन्होंने कोष के अधिकारीगण को लिखा कि उन्होंने सोना दान दिया है बॉक्स नहीं इसलिए उनके बॉक्स वापस किये जायँ,बात शास्त्री जी तक पंहुची क्योंकि खुद शास्त्री जी ही वह सोना हैदराबाद से लाये थे उन्होंने फोन कर निजाम साहब को आश्वस्त किया कि उनके पुश्तैनी बॉक्स शीघ्र उनको भेजे जाएंगे और वैसा ही किया भी बॉक्स वापस भेज दिए गए। कभी भारत सरकार से रियासत के लिए लड़ने वाले निजाम ने संकट के समय तुरत मदद की,मगर कुछ भी हो उनकी अमीरी और उनका व्यवहार सदा अमर रहेगा,उन्होंने एक टोपी में ही जिंदगी गुजार दी उसको ही खुद धोकर पहन लेते थे। उनके बारे में यू ट्यूब और गूगल पर ढेरों जानकारियां हैं।

(संकलन)

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