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मुजफ्फरनगर : 338 जोड़ों ने सात फेरे लेकर साथ रहने की खाई कसम, 105 ने कहा- कुबूल

मुजफ्फरनगर ।

शहर का नुमाइश मैदान बुधवार को सामाजिक समरसता का साक्षी बना। जहां एक ही परिसर में फेरों की वेदियां सजी तो दूसरी ओर निकाह भी पढ़ाया गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जनपद की 443 गरीब कन्याओं का विवाह कराया गया। इस दौरान न केवल उन्हें भविष्य के लिए जरूरी सामान दिया गया, बल्कि आशीर्वाद देने के लिए खुद जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना समेत प्रशासनिक अधिकारी और शहर के तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे। समाज के सभी वर्गों की गरीब कन्याओं के हाथों में मेहंदी रचवाकर उन्हें खुशियों के साथ ससुराल विदा करने तथा उज्जवल भविष्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 443 बेटियों का अपने-अपने धार्मिक रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया। नवयुगलों को प्रभारी मंत्री महाना के अलावा सांसद एव पूर्व मंत्री डॉ. संजीव बालियान, विधायक कपिल देव अग्रवाल, प्रमोद ऊंटवाल, उमेश मलिक, विक्रम सैनी, अल्पसंख्यक आयोग के सदसय सरदार सुखदर्शन सिंह बेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तौमर, नगर पालिका अध्यक्ष अंजू अग्रवाल जिलाधिकारी राजीव शर्मा, एसएसपी अनंत देव आदि ने सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। कन्याओं केा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर कन्या दान के रुप में 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का चैक भी प्रभारी मंत्री महाना ने सौंपा।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत यह कार्यक्रम संपन्न कराया गया। जिसमें परिजनों ने आपसी सहमति से रिश्ते तय किए थे। इसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी कराई। शादी समारोह को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पंडाल को 12 भागों में बांटा गया था। इसमे 105 मुस्लिम कन्याओं का निकाह के लिए 35-35 जोड़ों के तीन पंडाल बनाए गए थे। यहां प्रत्येक पंडाल में निकाह पढ़ाने की जिम्मेदारी दो-दो मौलवियों को दी गई थी। इसी प्रकार 338 हिन्दू कन्याओं के फेरे कराने को 20 पंड़ित मौजूद रहे। इस पंडाल में समरसता का माहौल ऐसा था कि एक ओर जहां कुरान की आयतें गूंज रही थी तो दूसरी ओर वैवाहिक मंत्रोंच्चार भी सुनाई दे रहे थे।
उल्लेखनीय है कि 443 कन्याओं की शादी कराकर मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने एक रिकार्ड स्थापित किया। अभी तक इस योजना इतनी शादियां किसी जनपद में नहीं हो पाई।
जिलाधिकारी राजीव शर्मा ने बताया कि परिजनों ने आपसी रजामंदी से रिश्ते तय किए थे जिनकी शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कराई गई है। इस मौके पर एसडीएम सदर आईएएस गजल भारद्वाज, एसडीएम सदर धर्मेन्द्र कुमार, एसडीएम खतौली अतुल कुमार डीडीओ मोती लाल व्यास आदि मौजूद रहे।

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