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राज्यसभा के 45 नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ग्रहण की

नई दिल्ली। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को उच्च सदन के नवनिर्वाचित 61 सदस्यों में से 45 को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी । कोविड-19 महामारी के कारण अंतर सत्र के दौरान शपथ ग्रहण समारोह राज्यसभा के चैम्बर में आयोजित किया गया। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने बुधवार को कोरोना के कारण पहली बार अंतर सत्र की अवधि में उच्च सदन में राज्यसभा के 61 नवनिर्वाचित सदस्यों में से करीब 45 सदस्य को पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई। शपथ लेने वालों में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और बीजेपी के भुवनेश्वर कलिता शामिल हैं। करीब 45 नवनिर्वाचित सांसदों ने बुधवार को राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू की उपस्थिति में शपथ लेने की पुष्टि की है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति एवं उच्च सदन के सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि देश के विधि निर्माता के रूप में आपका चुनाव हुआ है। अपने दायित्व के निर्वहन में आप सुनिश्चित करें कि सदन में आपका आचरण नियमों के अनुकूल हो, स्थापित मानदंडों के अनुरूप हो और सदन के बाहर आपका आचरण नैतिकता के मानदंडों के अनुसार हो। उन्होंने कहा कि तत्काल लाभ के लिए सदन में बाधा-व्यवधान डालने के प्रलोभन में न पड़ें बल्कि जनता की दृष्टि में इस सदन का सम्मान बढ़ाने के प्रति सदैव सचेत रहें। कानून का शासन लागू हो यही देश का विधान है। और इसकी शुरुआत आप ही से होती है, जब आप सदन के नियमों और प्रथाओं का पालन करते हैं। शपथ ग्रहण करने वाले सदस्यों में 36 सदस्य ऐसे हैं जो पहली बार राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ले रहे हैं। सदस्यों ने सामाजिक दूरी के मानकों का पालन करते हुए शपथ ग्रहण किया। बुधवार को राज्यसभा में नवनिर्वाचित सांसदों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वैसे तो यह एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन कांग्रेस और भाजपा के लिए आज सबकुछ अनोखा था। दरअसल कभी कांग्रेस ने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बतौर भाजपा सदस्य राज्यसभा में शपथ ली। शपथ से पहले सिंधिया की दिग्गी को सलाम-नमस्ते शपथ लेने से पहले का नजारा बेहद अलग था। शपथ से पहले सिंधिया मध्य प्रदेश में एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी दिग्विजिय सिंह की सीट की तरफ बढ़े और उन्हें हाथ जोड़कर अभिवादन भी किया। यही नहीं उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे को भी सलाम-नमस्ते किया।

सिंधिया को केंद्र में मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?-ऐसे में राज्यसभा में शपथ के बाद अपनी पुरानी पार्टी के नेताओं से सिंधिया की यह मुलाकात काफी दिलचस्प रही। अभी तक विपक्ष में बैठने वाले सिंधिया अब सत्ता पक्ष के साथ हैं। ऐसे भी कयास हैं कि सिंधिया को जल्द की केंद्र में कोई बड़ी भूमिका भी मिल सकती है।

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