Press "Enter" to skip to content

श्रीअमरनाथजी यात्रा 2018 की तैयारी इस प्रकार करें

देहरादून।

श्रीअमरनाथ यात्रा के दौरान सेना द्वारा बताये गए निर्देशों का सख्ती से पालन करें। जम्मू से पहलगाम या बालटाल तक की आने व जाने की यात्रा सिर्फ सरकारी बेस कैंप से व सरकारी बसों में ही करें। इन बसों को सेना की सुरक्षा में चलाया जाता है।मार्ग में अगर कुछ परेशानी या मुश्किल में आ जाओ तो सिर्फ अपने लोगों या भंडारे वालों या यात्रा मार्ग में हर कुछ सौ फीट पर तैनात नजदीकी सैनिक से ही मदद ले।

याद रखें अनावश्यक कपड़े या सामान साथ ना ले और आपकी बैग का वजन 5 या 6 किलो से ज्यादा ना हो।
1.यात्रा का रजिस्ट्रेशन कार्ड या सरकारी हॉस्पिटल के डॉक्टर का जारी किया हुआ फिटनेस सर्टिफिकेट ।
2.रेलवे रिजर्वेशन टिकिट जाने व् आने का।
3.आपकी पासपोर्ट साइज़ कम से कम 6 फोटो। इनकी आपको J&K कभी भी जरूरत पड़ सकती है।
4. आपका फोटो पहचानपत्र जैसे ड्राइविंग लाईसेंस या पैन कार्ड या आधार कार्ड या इलेक्शन कार्ड तथा इनकी कम से कम 3 ज़ेरॉक्स कॉपी अवश्य साथ रखे।
5.ट्रेकिंग बैग जो वाटर प्रूफ हो। कंधे पर आसानी उठाया जा सके वैसा होऔर बेल्ट की सिलाई मजबूत होनी चाहिए या यात्रा पर जाने से पहले सिलाई मजबूत करवा लेवें क्योंकि यही बैग उठाकर अमरनाथ यात्रा में 3 से 4 दिनों तकआपको पहाड़ो के उबड़ खाबड़ रास्तों पर करीब 45 से 50 या बालटाल से 28 से 30 km किलोमीटर पैदल चलना है।वारिश होने पर बैग को ढंकने के लिए प्लास्टिक कवर भी साथ रखे।
6. एक अच्छी क्वालिटी का मजबूत रेन कोट।पहाड़ी रास्तों पर और तेज हवाओं में छाता उपयोगी नहीं होगा।
7.एक पावरफुल टौर्च व् एक्स्ट्रा बेट्री प्रति व्यक्ति साथ रखें।
8.हाथ के गरम मोज़े जो वोटर प्रूफ हो।
9.पैर के लिए कोटन मोज़े 2 जोड़ी ।
10.प्लास्टिक की ऐसी थैलियाँ साथ लेवें जिससे पैर में मोज़े पहनने के बाद ऊपर से पहन सके। इससे बारिश से आपके मोज़े गीले नहीं होंगे और पैरों में बर्फीले पहाड़ों के माइनस टेम्परेचर में भी गरमाश बनी रहेगी।
11.वूलन मंकी कैप जो मोटी और अच्छी गरम हो।
12.थर्मल या वूलन फुल बॉडी वार्मर।
13.लेदर जेकेट या अच्छा विन्टर ज़ेकेट जो माइनस टेम्परेचर में भी शरीर को गर्मी दे सके।
14.छोटा मिरर,कंगा,हेयर आयल के पाउच,टूथ ब्रश,पेस्ट,नहाने व् कपड़े धोने का साबुनऔर शेविंग किटअपने बेग में रखना ना भूले।
15. सफ़र के लिए ऐसे कपड़े साथ लेवे जो जल्दी से सुक सके व् वजन में हलके हो। क्योंकि पहाडों में अचानक बारिश शुरू हो जाती है आप सम्हल पाए उसके पहले ही आप गिले हो जायेंगे। इसलिए यात्रा के दौरान रेनकोट हमेशा पहने रहे। इससे आप बर्फीली ठण्डी हवाओं से भी बचे रहेंगे।
16. दवाईयाँ
अपने साथ उलटी दस्त,जी मिचलाने,सर्दी-बुखार की दवाओं के अलावा आपकी प्रतिदिन लेने वाली दवाएं लेना न भूले।
याद रखे आपको अमरनाथ यात्रा में 15000 फुट से भी ज्यादा ऊंचाई पर पथरीले उबड़-खाबड़ और बर्फीलेरास्ते पर चलना है ।आप फिसल सकते है,पत्थरों पर गिरने से चोट आ सकती है ,खून निकल सकता है,घाव हो सकता है,पैरों में मोच आ सकती है।आसपास में कही भी दवाखाना या डॉक्टर उपलब्ध नहीं होगा।इसलिए जरुरी दवाएं साथ अवश्य लेवें।

17.वेसलिन या कोल्ड क्रीम ।
चंदनवाड़ी या बालताल से यात्रा आरंभ करते समय चेहरे पर खूब सारा वेसलिन या क्रीम लगा लेवें अन्यथा ऊँचाई पर चलने वाली शुष्क बर्फीली हवाओं से आपके चेहरे पर काले निशान बन जायेंगे ।
18.माचिस और मोमबत्ती
19.काले चश्मे…सूर्यप्रकाश में बर्फीले पहाड़ों की चकाचौंध से बचाव होगा।
20.खट्टी मीठी गोलियाँ,चोकलेट
21.ऊँचाई पर जी मिचलाता है इसलिए साथ में कुछ निम्बू ,जलजीरा,कुछ sugar,सौंफ,सेकी हुई अजवाईन साथ रखे।
22.पोलिथिन पिस
आप कमसे 6×6 साइज का वजन में हल्का व मजबूत पोलिथिन अवश्य साथ लेवे।यात्रा मार्ग में ज्यादातर जगह जमींन गीली मिलेगी। आप इसे बिछा कर बैठ सकते है। बारिश आने पर अपने बेग या दूसरी चीजों को ढक कर गिला होने से बचा सकते है।
23. नायलोन की रस्सी
अपने साथ नायलोन की कम वजन वाली लेकिन मजबूत रस्सी जो कम से कम20 फुट लम्बी हो अवश्य अपने साथ रखें। जरूरत पड़ने पर पहाड़ी रास्तों पर एक दूसरेको उपर खींचने के या अचानक आयी बारिश से गिले कपड़े सुकाने के काम लगेगी।
24.व्हिसल-सीटी
यह चीज तो यात्रा के दौरान हर यात्री को बिगर भूले आपके पॉकेट में रखनी ही चाहिए। आप मुश्किल में हो तब आप आवाज देंगे तो वह ज्यादा से ज्यादा दो सौ या तीन सौ फीट तक सुनाई देगी। लगातार चिल्लाने से कुछ देर में आपका गला बैठ जायेगा। जबकी व्हीसल की आवाज दिन में भी एक किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ती है। यह आवाज सुनकर बचाव दल आप तक पहुँच जायेगा।
25.खाने की कुछ चीजे
अपने साथ बिस्कुट के या चोकलेट बार जैसी कुछ चीजे अपने बेग में अवश्य रखे। इमर्जन्सी में यह आपको भूख से बचा सकता है।

महत्वपूर्ण—

ध्यान रखें उपरोक्त चीजों के साथ आपके बेग का वजन 5 या 6 kg से ज्यादा नही होना चाहिए और यात्रा में यह बेग आप खुद ही उठाकर चले ताकी आपात स्थिति में आपके पास अपने बचाव का सामान आप के पास ही रहे।कुली या पिट्ठू को बेग उठाने के लिए ना देवें।
अपना मोबाइल फोन हमेशा अपने पास रखे। बेटरी फुल चार्ज रखे,सम्भव हो तो एक्स्ट्रा बेटरी भी फुल चार्ज करके साथ रखे,आपात स्थिति में आपका मोबाइल ही आपसे सम्पर्क बनाने में व आपकी जान बचाने में मदद करेगा।
जम्मु-कश्मीर में हमारे प्रीपेड मोबाइल नहीं चलते है।जिससे आप यात्रा के दौरान परिवार व साथी यात्रियों से सम्पर्क विहीन हो जायेंगे।
जम्मु, पहलगाम या बालटाल में ही बीएसएनएल का 7 दिन वेलिडिटी का लोकल सिम कार्ड मिल जाता है। आपकी 2 फोटो और आइडेंटी प्रूफ देकर खरीद ले। यात्रा में आपके साथ वाले यात्रियों के आगे पीछे होने पर उनसे और आपके परिवार से सम्पर्क कर सकते है।

नोट-

यदी आप टट्टू पर यात्रा करते है तो चंदनवाड़ी से शेषनाग तक का टट्टू करे। यह शाम तक आपको शेषनाग केम्प तक पहुँचा देगा।
दुसरे दिन शेषनाग से गुफा तक के लिए ही टट्टू करें। पंचतरणी ना रुके बल्कि आप शाम तक गुफा पहुँच जायेंगे। रात में गुफा के पास टेन्ट ले लेवे। वहाँ रात 8 बजे तक उजाला रहता है और सुबह 4.30 से ही उजाला होने लगता है।

सुबह जल्दी उठकर स्नान करके दर्शन कर लेवे और तुरंत वापसी के लिए बालटाल वाले रास्ते पर निकल जाये तो शाम तक या रात होने से पहले आप बालटाल केम्प में पहुँच जायेंगे।
इस तरह सिर्फ तीन दिनमें आप अपनी यात्रा पूर्ण कर सकते है।

More from देश प्रदेशMore posts in देश प्रदेश »
More from धरम- ज्योतिषMore posts in धरम- ज्योतिष »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.