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बुराड़ी कांड में अभी तक रहस्य बरकरार हत्या या आत्महत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशीली दवाईयों का वर्णन

दिल्ली के बुराड़ी कांड की गुत्थी अभी तक सुलझ नही पाई, एक के बाद एक नये पेंच इस केस में दिखाई दे रहे है। पूरे देश को दहला देने वाली इस घट़ना से हर कोई हैरान है। आज बुराड़ी कांड में 9 लाशों की  शुरूआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है।  रिपोर्ट में बताया गया है मौत का कारण फांसी के फंदे से लटकने से हुई है। कहा जा रहा है सभी 11 मरने वालों की आंखें दान कर दी गई है। 11 में 5 के पेट में कुछ सपुनपक पदार्थ मिला है। जिससे आशंका नशीली या जहरीली चीज दिए जाने की बढ़ गई है। मरने वाले परिवार का एक बेटा जो राजस्थान गया हुआ था वह भी मोर्चरी पहुंच चुका है। शाम पांच बजे सभी शवों का अंतिम संस्कार होने की सूचना मिली है। पुलिस ने जब घर की छानबीन की तो उन्हे एक घार्मिक रहस्यमयी किताबें मिली है। जांच के दौरान सबसे पहले पुलिस को एक रजिस्टर मिला था।

टीम ने जब रजिस्टर के पन्नों को पलटा तो उसमें लिखा हुआ था कि ‘मोक्ष प्राप्त करना है तो जीवन को त्यागना होगा। जीवन को त्यागने के लिए मौत को गले लगाना होगा। मौत को गले लगाने में कष्ट होगा। कष्ट से छुटकारा पाना है तो आंखें बंद करनी होंगी। रजिस्टर में अलौकिक शक्तियां, मोक्ष के लिए मौत ही एक द्वार व आत्मा का अध्यात्म से रिश्ता जैसी अजीबो गरीब बातें लिखी हुई हैं।

करणी सेना ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल मकराना ने कहा कि यह मामला आत्महत्या नहीं है बल्कि साजिश के तहत हत्या का है। क्योंकि आत्महत्या में शव के पैर जमीन नहीं छूते। ऐसे में इस मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए।धार्मिक डायरी बरामदगी के सवाल पर मकराना ने कहा कि दिल्ली पुलिस इस जांच को भटका रही है। मालूम हो कि भाटिया परिवार राजस्थान का रहने वाला था।

गौरतलब है कि बुराड़ी के संत नगर में  स्थित एक ही घर के अंदर परिवार के सभी 11 सदस्य रविवार की सुबह मृत पाए गए थे।  इनमें से 10 लोगों के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले थे, जबकि परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य 75 वर्षीय नारायणी की लाश फर्श पर पड़ी मिली थी।

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