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आम आदमी पार्टी भी यूपी के सियासी पिच पर उतरने को तैयार, 28 को मेरठ जाएंगे केजरीवाल

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की बढ़ रही नाराजगी को भुनाने के लिए आम आदमी पार्टी भी उत्तर प्रदेश में सियासी जमीन बनाने का मन बना लिया है। उसकी नजर दिल्ली से लगे पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर है, जहां के किसान कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। आम आदमी पार्टी 28 जनवरी को मेरठ में एक किसान पंचायत का आयोजन कर रही है, जिसे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल संबोधित करेंगे।
इस महापंचायत के लिए आम आदमी पार्टी पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बैठकें कर रही है। पार्टी के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लगातार इस इलाके में यात्रा कर रहे हैं और बैठके ले रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने वरिष्ठ चिंतक और पार्टी के नेता नंद किशोर शर्मा की अध्यक्षता में पार्टी की मुजफ्फरनगर इकाई की कार्यकारिणी की एक बैठक की। इसमें सभी विधानसभा क्षेत्रों की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ प्रमुख कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर संजय सिंह ने तीनों कृषि कानूनों को किसानों के लिए डेथ वारंट बताते हुए कहा कि ये कानून लागू हो गए तो किसान गुलाम बन जाएगा। उन्होंने 28 फरवरी को मेरठ में होने वाली महापंचायत को सफल बनाने की अपील के साथ ही इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शामिल होने की जानकारी दी।
अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ऐसे वक्त में यूपी के सियासी पिच पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं, जब कृषि कानूनों के खिलाफ किसान केंद्र सरकार से नाराज दिख रहा है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान, जिसमें सबसे ज्यादा जाट समुदाय है। भाजपा भी अब यह मानने लगी है कि जाट समुदाय उससे दूर जा रहा है। भाजपा ने जाट समुदाय से आने वाले पार्टी के सांसदों-विधायकों को किसानों को मनाने में लगा दिया है तो विरोधी दल मौका भुनाने में। भारतीय किसान यूनियन, लोकदल और कांग्रेस इस पूरे इलाके में किसान महापंचायतों का आयोजन कर रहे हैं। इसी क्रम में अब आम आदमी पार्टी भी महापंचायतों का आयोजन करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत वह मेरठ से कर रही है।

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