Press "Enter" to skip to content

एक माह में कृषक मुक्ति अभियान के अन्तर्गत लेखपाल व अमीन पर की गई कार्यवाही

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

मुजफ्फरनगर- जिलाधिकारी अजय शंकर पाण्डये ने कृषकों की परेशानियों को खत्म करने व तहसीलों एवं कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगवाने के छुटकारे हेतु कृषक परिक्रमा मुक्ति अभियान की शुरूआत ठीक एक माह पूर्व प्रारम्भ की थी। जिलाधिकारी ने बताया कि एक माह में इस अभियान के अन्तर्गत सभी तहसीलों में 319 विरासत के प्रकरणों में 715 काश्तकारों को खतौनिया उपलब्ध कराई गई है, 90 खतौनियों में त्रुटियों के सम्बन्ध में 201 काश्तकारों को त्रुटिया ठीक कराते हुए खतौनी उपलब्ध कराई गई साथ ही 33 खेल के मैदानों को भी चिन्हित किया गया है।

इसी अभियान के अन्तर्गत श्रीमती अनुराधा पत्नी स्व0 श्री सुमित निवासी ढांसरी तहसील जानसठ द्वारा की गई शिकायत पर कार्यवाही करते हुए क्षेत्रीय लेखपाल अमरदीप द्वारा बरती गई घोर लापरवाही के दृष्टिगत उसे दोषी मानते हुए तत्काल निलम्बित किया गया तथा मृतक के वारिसान खतौनी में दर्ज कराकर श्रीमती अनुराधा को खतौनी की प्रति भी हस्तगत कराई गई। इसी प्रकार चरथावल क्षेत्र में एक अमीन द्वारा किसान का शोषण किये जाने का वीडियों वायरल होने के उपरान्त प्रकरण की अपर जिलाधिकारी से जांच कराकर सम्बन्धित के निलम्बन की कार्यवाही की गई। जिलाधिकारी इस अभियान के अन्तर्गत निस्तारित प्रकरणों के काश्तकारों को स्वंय फोन कर प्रकरण के निस्तारण की जानकारी ले रहे है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इसी अभियान के अन्तर्गत मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये गये थे कि विरासत के मामलों में अनावश्यक विलम्ब करने पर पंचायत सचिव की भी जवाबदेही तय की जाये। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ऐसे 3 पंचायत सचिव चिन्हित किये गये है जिनकी कार्यप्रणाली सही नही थी। जिलाधिकारी ने बताया कि उनके विरूद्व भी कार्यवाही की जायेगी। उनहोने कहा कि जिस स्तर पर कोई त्रुटि पाई जायेगी, उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के साथ-साथ सम्बन्धित समस्त कर्मचारियों के विरूद्ध भी कठोरतम कार्यवाही की जायेगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े तमाम ऐसे मामले होते हैं, जिसके लिए किसानों को लेखपाल से लेकर जिलाधिकारी तक चक्कर लगाने पड़ते है। उन्होने कहा कि ऐसे कुछ विषयों का चिन्हांकन कर उन विषयों पर राजस्व विभाग की जवाबदेही तय कर रखी है। इस अभियान में राजस्व अभिलेखों में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को दुरूस्त करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है तथा खतौनी में मामूली त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को शुद्ध करने के लिए लेखपालों को स्वविवेक से कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे। इसमें लेखपाल की जिम्मेदारी होगी कि वह त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों की स्वयं छानबीन करके दुरूस्त करे और उसकी खतौनी की प्रति निःशुल्क काश्तकार को उपलब्ध कराये। प्रति सप्ताह कितनी खतौनियों की प्रविष्टियां शुद्ध हुई, कितनी प्रविष्टियां शुद्ध होने के बाद किसानों को खतौनी की प्रति उपलब्ध कराई गई, यह सूचना देने के निर्देश भी दिए गए।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Be First to Comment

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

    Mission News Theme by Compete Themes.