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नोटबंदी के बाद लंदन में संपत्ति खरीदने वाले भारतीयों की संख्या 11 प्रतिशत बढ़ी

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद देश की अर्थव्यवस्था में जैसे जैसे मंदी दिखनी शुरू हुई लंदन में संपत्ति खरीदने वाले भारतीयों की संख्या में बढ़ती गई। वर्ष 2018-19 के दौरान जून के अंत तक 11 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी है।
संपत्ति सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक की एक रपट के अनुसार इसकी बड़ी वजह संपत्ति कीमतों में छूट मिलने के चलते संख्या में यह वृद्धि दर्ज की गयी है। नाइट फ्रैंक ने कहा कि अमीर भारतीयों के लिए लंदन का संपत्ति बाजार अभी भी पसंदीदा बना हुआ है। नाइट फ्रैंक ने अपनी लंदन सुपर-प्राइम सेल्स मार्केट इंसाइट-विंटर 2019 रपट में कहा कि भारतीयों के जून 2018 से जून 2019 के बीच लंदन संपत्ति बाजार में घर खरीदने में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रपट के अनुसार अधिकतर भारतीयों ने मेफेयर,बेलग्राविया, हाइडे पार्क, मारयेलबोन और सेंट जॉन्स वुड में घर खरीदे हैं। नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन शिशिर बैजल ने इस रपट के बारे में कहा कि भारतीय निवेशकों के लिए लंदन हमेशा ही पसंदीदा जगह रहा है क्यों की यह शहर आर्थिक तथा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हाल
की आर्थिक राजनीति घटनाओं के बावजूद दीर्घकालिक दृष्टि से यहां के बाजार की बुनियाद मजबूत है इस लिए भारतीयों का आकर्षण बना हुआ है। नाइट फ्रैंक प्राइवेट आफिस के भारत के मामले देखने वाले एलेसडेयर प्रिट्चार्ड ने कहा कि भारतीय पूंजी के प्रवाह पर रोक से भारतीय खर्च करने की अपनी भूख की तुलना में आधा ही खर्च कर पा रहे हैं, इसके बावजूद जून 2019 में समाप्त वर्ष के दौरान हमने लंदन में सम्पत्ति की खरीद करने वाले भारतीयों की संख्या में 11 प्रतिशत की वृद्धि देखी है। रपट के अनुसार लंदन अमीर भारतीयों के लिए एक पसंदीदा स्थान बना हुआ है और भारतीय लंदन में पढ़ाई और निवेश आदि की दृष्टि से मकान खरीदते हैं।फोटो साभार- punjabkesari.in

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