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भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच समझौता,मंत्रिमंडल ने दी वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग के लिए ज्ञापन को मंजूरी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आज भारत के पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय और संयुक्‍त अरब अमीरात के नेशनल सेंटर ऑफ मेट्रोलॉजी के बीच विज्ञान एवं तकनीकी सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दे दी। इस समझौता ज्ञापन के तहत जानकारी, आंकड़ों और मौसम विज्ञान, भूकंप विज्ञान और समुद्र विज्ञान से संबंधित उत्‍पादों जैसे रेडार, उपग्रह और ज्‍वार मापने वाले उपकरण तथा भूकंप और मौसम विज्ञान केन्‍द्रों के संबंध में आदान-प्रदान का प्रस्‍ताव है। मौसम संबंधी सेवाएं अर्थव्‍यवस्‍था के मौसम पर निर्भर क्षेत्रों की कार्यकुशलता बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण योगदान करती हैं। इसके साथ ही वे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति के महत्‍वपूर्ण कारकों -कृषि, परिवहन और जल आदि जैसे मौसम पर निर्भर आर्थिक क्षेत्रों को उत्‍पन्‍न खतरे का भी प्रबंधन करती हैं। क्षेत्रीय और वैश्विक सहयोग के माध्यम से इसे मजबूत किया जा सकता है क्योंकि सभी देश पूर्व चेतावनी प्रणालियों में निवेश करते हैं और मौसम और पूर्वानुमान सेवाओं का आधुनिकीकरण करते हैं। मौसम की हमेशा बदलने वाली प्रकृति के कारण, क्षेत्रीय सहयोग बदलते मौसम पैटर्न की समझ को बेहतर बनाने, प्रभावी प्रतिक्रिया रणनीतियों, कम निवेश लागत और क्षेत्रीय रूप से प्रासंगिक तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और मौसम सेवाओं के आधुनिकीकरण और स्थिरता से संबंधित चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकता है।

वैज्ञानिकों अनुसंधानकर्ताओं और विशेषज्ञों आदि की अनुसंधान, प्रशिक्षण, सलाह-मशविरे आदि के लिए दोनों देशों के बीच यात्राएं और अनुभवों का आदान-प्रदान, जलवायु संबंधी जानकारी पर केन्द्रित सेवाओं, उष्‍णकटिबंधीय तूफान की चेतावनी से संबंधित उपग्रह डाटा का उपयोग करने के संबंध में आदान-प्रदान। भारत और संयुक्‍त अरब अमीरात के पूर्वोत्तर क्षेत्र को प्रभावित करने वाली ओमान सागर और अरब सागर में उठने वाली सुनामी के अधिक विश्‍वसनीय और तीव्र पूर्वानुमान के लिए सुनामी मॉडल के बारे में अनुसंधान की विशिष्‍ट क्षमता के निर्माण में सहयोग। सुनामी पूर्व चेतावनी केन्‍द्रों में, सुनामी पूर्वानुमान कार्य के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया पूर्वानुमान संबंधी सॉफ्टवेयर स्‍थापित करने के लिए सहयोग। अरब सागर और ओमान सागर में सुनामी की स्थिति उत्‍पन्‍न करने में सहायक भूकंप संबंधी गतिविधियों की निगरानी के लिए भारत के दक्षिण पश्चिम और संयुक्त अरब अमीरात के उत्तर में स्‍थापित भूकंप मापी केन्‍द्रों से प्राप्त वास्‍तविक आंकड़ों का आदान-प्रदान किया जाएगा।

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