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अमित शाह का कठोर संदेश:कोरोना से लड़ाई में एकजुट हों उपराज्यपाल और केजरीवाल

नई दिल्ली। अमित शाह ने रविवार को एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपराज्यपाल अनिल बैजल और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर राजधानी में कोरोना के मामलों पर हो रही प्रगति का जायजा लिया। माना जा रहा है कि इस बैठक के जरिए अमित शाह ने दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सख्त संदेश दिया है कि कोरोना की लड़ाई के बीच दोनों नेताओं के बीच कोई टकराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए क्योंकि इससे राजधानी में कोरोना की लड़ाई कमजोर पड़ सकती है। अंतत: इसका खामियाजा दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ सकता है। इसके पूर्व कम गंभीर मरीजों को होम आइसोलेशन में रखने के मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद उभर गया था। दिल्ली सरकार ने लक्षणहीन या माइल्ड केस वाले मरीजों को होम क्वारंटीन करने की रणनीति अपनाई हुई थी, जबकि उपराज्यपाल ने सभी मरीजों को अनिवार्य रूप से पांच दिन के क्वारंटीन सेंटरों पर बिताने संबंधी फैसला किया था। इस फैसले पर दिल्ली सरकार ने अपनी गहरी आपत्ति जताई थी और कहा था कि अगर सभी मरीजों को क्वारंटीन सेंटरों में रखा जाता है तो इससे सभी कोरोना मरीजों को बिस्तर उपलब्ध कराना और उनका इलाज करना संभव नहीं हो पाएगा। इसके बाद शनिवार को दो बार हुई शीर्ष बैठक में अनिल बैजल ने सभी को क्वारंटीन सेंटरों में भेजने का फैसला वापस ले लिया था। इस बैठक में अमित शाह, उपराज्यपाल अनिल बैजल, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, स्वास्थ्य सचिव प्रीती सूदन भी उपस्थित थीं। हालांकि, इस बैठक के बाद आम आदमी पार्टी ने कहा है कि राजधानी में कोरोना की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ी जा रही है। इसमें केंद्र से पूरा सहयोग मिल रहा है। आज गृहमंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में कोरोना संक्रमण वाले क्षेत्र में सघन कांटेक्ट ट्रेसिंग और मेडिकल सेवाओं को और ज्यादा मजबूत करने पर विचार किया गया। दिल्ली सरकार ने राजधानी में 30 जून तक एक हजार एम्बूलेंस वाहन सेवा में लगाने का भी निर्णय लिया है।

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