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अंधेरगर्दीः आधी रात को पुलिस ने जलाया हाथरस गैंगरेप पीड़िता का शव

नई दिल्ली। हाथरस गैंगरेप मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार किया। परिजनों की मर्जी के बगैर जबरन आधी रात को पीड़ित युवती के शव का दाह संस्कार कर दिया। परिजनों को अंतिम दर्शन और मुखाग्नि भी नहीं करने दिया। उन्हें धक्का देकर कमरों में बंद कर किया। इस मामले में पहले दिन से परिवार के लोग चिल्ला चिल्लाकर गैंगरेप की बात कहते रहे। पुलिस से लेकर शासन और सरकार में शीर्ष पर बैठे लोग भी परिजनों को झूठा करार देते रहे। 14 दिन तक जीवन-मृत्यु से जूझती पीड़िता ने मंगलवार को सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसे सोमवार को यहां लाया गया था।

पोस्टमार्टम कराने के नाम पर सफदरजंग अस्पताल से मृतका का शव लेकर निकली उत्तर प्रदेश पुलिस मंगलवार-बुधवार की आधी रात को हाथरस उसके गांव पहुंची। इसके पहले परिजनों को दिल्ली से उनके घर हाथरस पहुंचा दिया था। रात में शव लेकर एंबुलेंस पहुंची तो परिजनों ने उसे लेना चाहा, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। परिजनों के साथ ही गांव वाले भी इकट्ठा हो गए और शव लेने के लिए हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर कर परिजनों को घरों में बंद कर पुलिस ने शव अपने कब्जे में ले लिया और श्मशान घाट पहुंच गई। रात के अंधेरे में वहीं शव को जला दिया। परिजनों को मुखाग्नि क्रिया भी नहीं करने दी। हालांकि जिला अधिकारी और आला पुलिस अधिकारी यही दावा कर रहे हैं कि शव नष्ट होने लगा था, जिससे परिजनों की सहमति से युवती का अंतिम संस्कार कराया गया। लेकिन परिजन इससे इंकार कर रहे हैं।

—पीएम ने योगी से की बात, जांच को एसआईटी बनी

इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दखल दिया है। उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात की। सीएम योगी ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी सार्वजनिक की और बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी बनाने संबंधी जानकारी दी। यह एसआईटी सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौपेगी। बाद में मुख्यमंत्री योगी ने मृतका के पिता से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की। शीघ्र न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए उन्होंने बताया कि एसआईटी घटना के सभी बिंदुओं का जांच कर जल्द अपनी रिपोर्ट देगी और आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलेगा। मुख्यमंत्री ने मुआवजा राशि बढ़ा कर 25 लाख रुपये करने, कनिष्ठ सहायक के पद पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और सूडा योजना के तहत हाथरस शहर में आवास देने की बात कही।

—पुलिस नकार रही बलात्कार की वारदात 

हाथरस गैंगरेप मामले में शुरू से ही उत्तर प्रदेश पुलिस और राज्य के प्रशासनिक तंत्र की लापरवाही की बात सामने आ रही है। पुलिस अब तक इस बात पर अड़ी है कि युवती से बलात्कार नहीं हुआ, न ही उसकी जीभ काटी गई और न ही रीढ़ की हड्डी टूटी। जबकि परिजन लगातार कहते रहे कि गांव के चार युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया। पुलिस के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय तक इस घटना में परिजनों की बात को झूठलाते रहे।

—यह हुई थी घटना

हाथरस की 19 वर्षीय एक दलित युवती अपने भाई और मां के साथ खेत में घास काटने गई। बात 14 सितंबर की है। भाई घास का एक गट्ठर लेकर घर रखने आया और मां घास काटते हुए आगे चलती गई। उसी बीच पीछे से गांव के चार युवक आए और मौका देखकर युवती का दुपट्टा पकड़ कर बगल के बाजरे के खेत में उसे घसीट लिया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। कुछ देर बाद मां पीछे लौटी तो बेटी की चप्पल मिली साथ ही घसीटे जाने का चिह्न देखा, जिसका पीछा करते हुए वह बाजरे के खेत में घुसी तो एक जगह अपनी बेटी को लहूलुहान तड़पते हुए देखा।

 —कांग्रेसी सड़क पर, योगी-स्मृति ईरानी का इस्तीफा मांगा

हाथरस में रात के अंधेरे में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जबरन मृतका का शव जलाए जाने की घटना से प्रदेश में सियासी उबाल है। बुधवार को कांग्रेस इस घटना को लेकर सड़क पर उतर पड़ी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने इस मामले में कथित तौर पर खामोश रहने पर अमेठी से सांसद और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर भी निशाना साधते हुए लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफे की मांग की। बुधवार को पूरे दिन प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जगह-जगह गिरफ्तारियां दीं। लखनऊ में प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए दो बार पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी। वाराणसी में प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव किया। उन्हें तितर-बितर करने को पुलिस को लाठियां चलानी पड़ीं। दिल्ली, आजमगढ़, भदोही, चंदौली, सोनभद्र, जालौन, प्रतापगढ़, बदायूं में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। हाथरस में पीड़िता के गांव के बाहर भी कांग्रेस कार्यकर्ता परिवार के लिए न्याय की गुहार लगाते सड़क पर दिखे। वहीं महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यूपी सरकार ने हाथरस की बेटी के साथ अन्याय किया। उसके साथ न्याय तभी होगा, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा होगा। उन्होंने स्मृति ईरानी पर भी निशाना साधा और कहा कि महिला और बाल विकास मंत्री अप्रासंगिक हो चुकी हैं। वह कम से कम ट्वीट कर दुख जता सकती थीं। उन्होंने कहा कि वे उत्तर प्रदेश से सांसद हैं। उन्हें संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे देना चाहिए।

 

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