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सेना प्रमुख ने भारत-पाक सीमा का दौरा कर लिया जायजा,खुफिया एजेंसियां दे चुकीं आतंकी घुसपैठ का इनपुट

नई दिल्ली। भारत-चीन तनाव के बाद सेना प्रमुख ने सोमवार को भारत-पाकस्‍तान इंटरनैशनल बॉर्डर का दौरा किया। उन्‍होंने जम्‍मू क्षेत्र में 198 किलोमीटर लंबी इस सीमा के फॉरवर्ड एरियाज में जाकर सुरक्षा हालात का जायजा लिया और जवानों की तैयारियां परखीं। आर्मी चीफ का यह दौरा ऐसे वक्‍त में हुआ है जब कुछ दिन पहले ही खुफिया रिपोर्ट में पाकिस्‍तान की ओर से आतंकियों की घुसपैठ की संभावना जताई गई है। हालांकि इंटरनैशनल बॉर्डर पर किसी तरह की बड़ी हलचल देखने को नहीं मिली है। लाइन ऑफ कंट्रोल का इलाके में लगातार पाकिस्‍तान की ओर से सीजफायर हो रहा है। जनरल नवरणे जम्‍मू के टेक्निकल एयरपोर्ट तक एक फिक्‍स्‍ड विंग एयरक्राफ्ट में आए। इसके बाद वह टाइगर डिविजन गए। फिर चॉपर के जरिए उन्‍होंने फॉरवर्ड एरियाज का दौरा किया। उन्‍होंने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और जवानों से बात कर उनकी तैयारियों को परखा। जम्‍मू में इंटरनैशनल बॉर्डर की सुरक्षा बॉर्डर सिक्‍यूरिटी फोर्स (BSF) करती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल नवरणे यहां से पठानकोट जाएंगे। यह पिछले दो महीनों में आर्मी चीफ का तीसरा जम्‍मू-कश्‍मीर दौरा है। वह एक बार अकेले और एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लेह-लद्दाख जा चुके हैं।

ताइवान के पास सबसे ज्यादा मिसाइल-साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के पास इतनी ज्यादा मिसाइलें मौजूद हैं जो क्षेत्रफल के हिसाब से दुनियाभर में सबसे ज्यादा है। हालांकि ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इन मिसाइलों की कुल संख्या को आजतक जारी नहीं किया है। ताइपे की चाइना टाइम्स अखबार के अनुसार, ताइवान के पास कुल 6000 से अधिक मिसाइलें हैं।

अमेरिकी और ताइवानी मिसाइलों का जखीरा-इन हथियारों में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के अलावा ताइवान की स्वदेशी मिसाइलें भी शामिल हैं। जिसमें हवा से हवा, हवा से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं। ताइवान के पास मिसाइल ही ऐसा हथियार है जिससे चीनी सेना खौफ खाती है और आजतक हमले के प्लान को अंजाम नहीं दे सकी है। क्योंकि, चीन के राष्ट्रपति से लेकर चीनी सेना के जनरल तक लगातार ताइवान पर हमले की धमकी देते रहे हैं।

भारत ने बॉर्डर के पास बनाए हैं 6 पुल-बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन ने हाल ही में 6 पुलों का निर्माण पूरा किया है। वे सभी इसी इंटरनैशनल बॉर्डर के किनारे स्थित हैं। दो पुल कठुआ जिले के हीरानगर में तारणाह इलाके में हैं जबकि चार अखनूर-पल्‍लांवाला सेक्‍टर में है। इन पुलों की मदद से सेना काफी तेजी से बॉर्डर पर मूव कर सकेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन पुलों का उद्घाटन किया था।

खुफिया एजेंसियों ने जारी किया है अलर्ट-खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि आतंकी जम्‍मू और कश्‍मीर में घुसपैठ कर हमला करने की फिराक में हैं। सूत्रों ने बताया, ‘भीमबेर गली और नौशेरा सेक्‍टर्स में हथियारबंद आतंकियों की मौजूदगी है। उनके इरादे घुसपैठ कर हमला करने के हैं।’ सुरक्षा बलों और बॉर्डर सिक्‍यॉरिटी फोर्स (BSF) से यह इनपुट्स साझा किए गए हैं। साथ ही इन इलाकों में फोर्सेज को हाई अलर्ट पर रहते हुए निगरानी के निर्देश मिले हैं। शक है कि पाकिस्‍तान आर्मी की BAT इन आतंकियों की मदद कर रही है। भारत की ओर कुछ आतंकियों का मूवमेंट भी हाल में देखा गया है। बीएटी में आर्मी कमांडोज के अलावा जैश-ए-मोहम्‍मद, लश्‍कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के मुजाहिदीन होते हैं।

बीएसएफ ने बढ़ाई पैट्रोलिंग-बीएसएफ के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के हवाले से एएनआई ने कहा, ‘पिछले कुछ हफ्तों से ऐसा कोई इनपुट नहीं था मगर कुछ घंटे पहले ही यह इनपुट आया है। फोर्सेज को अलर्ट कर दिया गया है, खासतौर से उन दो सेक्‍टर्स में। पैट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और रात में एक्‍स्‍ट्रा फोर्स तैनात की जाएगी। पाकिस्‍तान की तरफ से कोई उल्‍टी-सीधी हरकत हुई तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा।

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