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दिव्यांगजन पुनर्वास में यूपी को सर्वोत्तम राष्ट्रीय पुरस्कार,विश्व निशक्त दिवस का नाम बदलने की जरूरत: नायडू

नई दिल्ली। उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने विश्व निश्क्त दिवस पर पुरस्कार वितरित करते हुए विश्व के सभी देशों से अपील की है कि इस दिवस के नाम को बदलकर विश्व दिव्यांगजन दिवस कर देना चाहिए। वहीं इस मौके पर दिव्यांगजन पुनर्वास के क्षेत्र के बेहतर कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है।

विश्व निशक्त दिवस पर यहां नई दिल्ली के विज्ञान भवन में में मंगलवार को अपने संबोधन में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि विश्व निशक्त दिवस का नाम बदलकर ‘दिव्यांग जन दिवस’ कर देना चाहिए। समारोह में नायडू ने दिव्यांगों के सशक्तिकरण की दिशा में हासिल उपलब्धियों और किए कार्यों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी बांटेते हुए भारत और विश्वभर के लोगों से अपील की है कि उनके सुझाव पर विचार करें क्योंकि दिव्यांग लोगों ने साबित किया है कि वे दूसरों के लिए एक मिसाल हैं। उन्होंने यह इच्छा जाहिर की कि विशेष रूप से सक्षम लोगों को सिनेमा हॉल, सभागारों, सार्वजनिक स्थानों और अन्य स्थानों पर जाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। वहीं उन्होंने कॉर्पोरेट तथा निजी क्षेत्रों से इस संबंध में एक भूमिका निभाने का आग्रह किया।

केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा यहां विज्ञान भवन में विश्व निशक्त दिवस को मनाने के लिए एक समारोह आयोजित किया गया। समारोह में दिव्यांगजन पुनर्वास के क्षेत्र में सर्वोत्तम राज्य के रूप में चुने गये उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा दो अन्य श्रेणियों में भी उत्तर प्रदेश ने बाजी मारते हुए पुरस्कार हासित किये। उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने जहां उपराष्ट्रपति के हाथो राष्ट्रीय पुरस्कार ग्रहण किया, वहीं लखनऊ की प्रियंका देवी एवं शबीना सैफी, गाजियाबाद की विदिशा और झांसी की सीमा तिवारी को अन्य श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। प्रदेश के अपर मुख्य सिचव महेश गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि सुगम्य भारत अभियान के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश विभाग की वेबसाइट को सर्वोत्तम दिव्यांग हितैषी वेबसाइट तथा सर्वश्रेष्ठ पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए वाराणसी जिले को सर्वोत्तम जिले का पुरस्कार प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजन के लिए सुगम्य भौतिक अवस्थापना एवं अन्य संचार सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सुगम्य भारत अभियान का शुभारंभ वर्ष 2014-15 में किया गया था। जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में सार्वजनिक भवनों को दिव्यांगजन हितैषी बनाए जाने के लिए तीन सालों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को सर्वोत्तम मानते हुए सर्वोत्तम राज्य का पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस समारोह में केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता थावरचन्द गहलौत, केन्द्रीय राज्यमंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कृष्णपाल गुर्जर, रामदास अठावले, रतनलाल कटारिया, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि शामिल थे।

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