Press "Enter" to skip to content

2024 तक हर घर को पानी देने पर मंथन, केंद्र ने की राज्यों के जल व सिंचाई मंत्रियों की बैठक

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा पत्र में 2024 तक सभी लोगों तक पेयजल पहुंचाने के वादे पर केंद्र सरकार ने देश में करीब 14 करोड़ घरों में साफ पेयजल पहुंचाने के लिए कमर कस ली है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए मंगलवार को यहां केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने राज्यों के संबन्धित मंत्रियों और सचिवों के साथ गहन मंथन किया। गठन करके राज्यों के साथ समन्वय बनाकर केंद्र सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है।

मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्यों के राज्यों के जल संसाधन, पेयजल और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्रियों और सचिवों की बैठक हुई। इस बैठक की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र शेखावत ने संवाददाताओं केा बताया कि वर्ष 2024 तक देश में 14 करोड़ घरों में रह रहे परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए राज्यों के साथ चर्चा सकारात्मक रही है। इस लक्ष्य को केंद्र व राज्य आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि सिक्किम को छोड़कर देश के किसी भी राज्य में पेयजल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि देश में पेयजल कवरेज मात्र 18 फीसदी ही रह गया है, वहीं बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में तो स्वच्छ पेयजल की पहुंच पांच प्रतिशत से भी कम है। केंद्र सरकार के इस लक्ष्य को राज्यों ने पूर्ण समर्थन के साथ समन्वय के साथ कार्य करने का भरोसा दिया है, जिसके लिए केंद्र सरकार राज्यों को पूर्ण सहायता मुहैया कराएगी।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि देश में कोई भी राज्य ऐसा नहीं है जिसका काई न कोई क्षेत्र डार्क जोन में शामिल न हो। ऐसी समस्या लगातार गिरते भूजल स्तर के कारण पैदा हो रही है, जिससे निपटना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार की बैठक में जल संकट और उससे जुड़ी चुनौतियों तथा अन्य मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है, जिनके लिए मंत्रालय राज्यों से अलग से बैठक बुलाकर चर्चा करेगा। इस बैठक में केवल हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना को लेकर मंथन किया गया है। नदियों को आपस में जोड़ने और देश के विभिन्न राज्यों के बीच चल रहे नदियों के जल विवादों के मुद्दों पर भी सरकार समय समय पर राज्यों के साथ बैठक करके साझा योजनाएं बनाएगी।

यूपी ने मांगे 35 हजार करोड़
बैठक में उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री डा. महेन्द्र सिंह ने बोलते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी जल संकट का हाल बद से बदतर है। जहां आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित क्षेत्र है, तो जेई और एईएस से प्रभावित होने के साथ खारे पानी के अलावा बुंदेलखंड सबसे बड़ा डार्क जोन है, जहां सूखे की स्थिति बनी रहती है। इसके अलवा यूपी में क्रिटिकल एवं सेमीक्रिटिकल क्षेत्र भी किसी डार्क जोन से कम नहीं है। ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए डा. महेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार से 35 हजार करोड की धनराशि की आर्थिक सहायता जारी करन की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘नल से जल‘ देने की बात कही है, जिस को दृष्टिगत रखते हुये प्रदेश सरकार ने बुंदेलखण्ड के लिये एक 9 हजार करोड का प्रोजैक्ट तैयार किया है, शिलान्यास के उपरान्त शीघ्र ही उस पर कार्य आरम्भ किया जायेगा। पूरे प्रदेश में इसके लिये 1 लाख 20 हजार करोड धनराशि की आवश्यकता है, जिससे पूरे प्रदेश के घर-घर में नल का पानी मुहैया करा सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस 1 लाख 20 हजार करोड की परियोजना में से 35 हजार करोड़ की परियोजना का डीपीआर तैयार है। जिसमें आर्सेनिक, फ्लोराइड, जेई और एईएस और बुन्देलखंड के क्षेत्रों में पानी की समस्याओं को दूर किया जायेगा।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Be First to Comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Mission News Theme by Compete Themes.