Press "Enter" to skip to content

चरथावल कोतवाल की तत्परता, सूझबूझ व साहस से बची महिला की जान

चरथावल/जावेद आलम- वैसे तो पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आम जनमानस में पुलिस के प्रति बहुत बेहतर नजरिया नहीं है, लेकिन कहते हैं ना की हाथ की पांचों उंगलियां बराबर नहीं होती। ऐसा ही एक वाक्य सामने आया चरथावल थाना क्षेत्र में जहां पर फरिश्ता बनकर पहुंचे चरथावल कोतवाल न सिर्फ महिला की दहेज दानवों से जान बचाई बल्कि महिला का उपचार भी कराया।

दरअसल, चरथावल कोतवाल को गुरुवार सुबह करीब 3 बजे चरथावल थाना क्षेत्र के ग्राम बधाई कला निवासी एक महिला ने 100 नम्बर पर सूचना दी कि मेरे पति व उसके परिजनो ने मेरे साथ जबदरस्त मारपीट करते हुए मेरी रस्सी से गला दबाकर मेरी हत्या का किया प्रयास है। मैंने ऊपर मकान में घुसकर अंदर से कुंडी लगा ली है और वह मेरी हत्या करने के इरादे से गेट तोड़ने का प्रयास कर रहे है। डायल 100 ने सूचना मिलते ही चरथावल कोतवाल को इस मामले से अवगत कराया और चरथावल कोतवाल ने देरी न करते हुए एक फोन से पुलिस जीप व डायल 100 को तुरन्त मौके पर पहुंचने को कहा तथा दूसरे फोन से महिला को फोन लगाया ओर महिला का साहस बढ़ाते हुए पूछा कि गेट टूट सकता है क्या? चरथावल इंस्पेक्टर के कहने पर महिला ने कमरे में रखे बेड को गेट पर अड़ाकर खड़ी हो गयी, उधर थाना प्रभारी को पुलिस जीप व स्टाफ के गश्त में होने के कारण न मिलने पर थाना प्रभारी थाने में खड़े संतरी को साथ लेकर बाइक द्वारा सीधे घटनास्थल पर पहुंच गए। और महिला की फरिश्ता बनकर जान बचाई।

चरथावल कोतवाल ने बताया कि महिला के गले पर रस्सियों के निशान है अन्य जगह भी महिला को चोट आई है। महिला की तहरीर पर विभिन्न धाराओ में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

More from खबरMore posts in खबर »
More from शहरनामाMore posts in शहरनामा »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.