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छत्तीसगढ़ को एक ही दिन में मिले 14 राष्ट्रीय पुरस्कार,छत्तीसगढ़ के सभी शहर ओडीएफ डबल प्लस की श्रेणी में शामिल

नई दिल्ली। भारत सरकार आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के परिणाम गुरुवार को घोषित किए गए, जिसमें छत्तीसगढ़ ने देश के बड़े राज्यों को पछाड़ते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण में फिर से एक बार देश के स्वच्छतम राज्य होने का दर्जा प्राप्त किया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित वर्चुअल  ऑनलाइन पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री आवास से केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हाथों यह पुरस्कार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्राप्त किया। ऑनलाइन तरीके से पहली बार यह राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय मंत्री पुरी को छत्तीसगढ़ में चलाई जा रही गोधन न्याय योजना और गोबर खरीदी के विषय में जानकारी दी। जिसे केंद्रीय मंत्री पुरी ने छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना एवं गोबर क्रय योजना को ‘वेस्ट टू वेल्थ‘ का अच्छा कमर्शियल मॉडल बताते हुए भूरि-भूरि प्रशंसा की और अन्य राज्यों के लिए इसे अनुकरणीय बताया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारी कोशिश होगी कि अगले साल भी छत्तीसगढ़ स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रथम स्थान पर रहें। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में कचरे से खाद बनाई जा रही है। दो रूपए प्रति किलो की दर पर खरीदी कर इससे वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा रहा है। गांव और शहरों में गोबर से होने वाली गंदगी पर रोक लगी है। गांव और शहर और अधिक स्वच्छ हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी यह योजना लागू की गई है। राज्य के शहरी क्षेत्रों में स्थापित 377 गोबर खरीदी केन्द्रों में गोबर खरीदी की जा रही है। इस योजना से लोगों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। केन्द्रीय मंत्री श्री पुरी ने स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल और नगरीय विकास मंत्री डॉ. डहरिया को बधाई दी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में बतौर राज्य छत्तीसगढ़ ने तो उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, इसके साथ ही प्रदेश के छोटे-बड़े अनेक शहरों में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है। पाटन नगर पंचायत को 25 हजार से कम जनसंख्या श्रेणी में देश का स्वच्छ शहर होने का दर्जा मिला है। इसी प्रकार जशपुरनगर को 25 से 50 हजार की जनसंख्या, धमातरी को 50 हजार से 01 लाख की जनसंख्या एवं अंबिकापुर को 01 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी में सबसे स्वच्छ शहरों का दर्जा प्राप्त हुआ है। वहीं प्रदेश के 10 अन्य शहरों में भिलाई का रैंक 34, 50 हजार से 01 लाख की जनसंख्या में भिलाई-चरोदा रैंक-02, चिरमिरी रैंक-03, बीरगांव रैंक-04, 25 से 50 हजार की जनसंख्या में कवर्धा का रैंक-02, चांपा रैंक-05, अकलतरा रैंक-74, 25 हजार से कम जनसंख्या श्रेणी में नरहरपुर रैंक-02 सारागांव रैंक-03 एवं पिपरिया रैंक-04 को भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इस बार स्वच्छता की परीक्षा हेतु 6000 अंक निर्धारित किए गए थे, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश के स्वछतम राज्य का तमगा एक बार फिर हासिल किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में देश का प्रथम ओडीएफ प्लस प्लस राज्य होने का दर्जा भी हासिल किया।

स्टार रेटिंग में गार्बेज फ्री सिटी का खिताब भी छत्तीसगढ़ को-भारत सरकार के द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण हेतु पूरे छत्तीसगढ़ का सर्वे किया गया। सर्वे में सर्वप्रथम पूरे छत्तीसगढ़ का ओडीएफ प्लस प्लस का सर्वे किया गया। ओडीएफ प्लस प्लस के पश्चात पूरे छत्तीसगढ़ का गार्बेज फ्री सिटी (स्टार रेटिंग) तथा स्वच्छ सर्वेक्षण का सर्वे किया गया। सर्वे उपरांत भारत सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को ओडीएफ प्लस प्लस प्रदेश घोषित किया गया। पूरे भारत में ओडीएफ प्लस प्लस होने वाला छत्तीसगढ़ सबसे पहला प्रदेश बना। गार्बेज फ्री सिटी (स्टार रेटिंग) मे भी छत्तीसगढ़ ने बाजी मारी है। भारत सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के एक शहर अंबिकापुर को 5 स्टार शहर का दर्जा एवं 9 शहरों को 3 स्टार तथा 5 शहरों को 1 स्टार का शहर दर्जा दिया गया। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री निवास पर छत्तीसगढ़ की नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री अलरमेलमंगई डी., सूडा के एडिशनल सीईओ सौमिल रंजन चौबे तथा सलाहकार डॉ. नितेश शर्मा भी उपस्थित थे।

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