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आर्थिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ खतरे का आकलन करे: रेड्डी

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने सोमवार को कहा कि वैश्विक सुरक्षा आयाम में तेजी से हो रहे बदलाव के मद्देनजर सीआईएसएफ को नियमित आधार पर खतरे का आकलन करना चाहिए और देश की आर्थिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्षमता बढ़ानी चाहिए। गृह राज्यमंत्री रेड्डी ने सोमवार को अर्द्धसैन्य बल के 100 नए कमीशन प्राप्त अधिकारियों और उप अधिकारियों के एक बैच को वेबकास्ट के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, इसलिए देश की महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की भूमिका महत्वपूर्ण है। गृह राज्य मंत्री ने कहा कि सीआईएसएफ को लगातार खतरे का आकलन करना चाहिए और खासकर नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अपनी क्षमता बढ़ानी चाहिए । रेड्डी ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा आायाम में तेजी से बदलाव हो रहा है और हमें नियमित आधार पर खतरे का आकलन करना चाहिए और इसके हिसाब से अपनी क्षमता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और डाटा विश्लेषण की मदद से हम समय पर सुरक्षा जांच कर संभावित हमलों को रोकने की तैयारी कर पाएंगे और एहतियाती कदम उठा पाएंगे। रेड्डी ने कहा कि सीआईएसएफ की वजह से लोग हवाई अड्डों और अन्य सार्वनजिक स्थानों पर सुरक्षित महसूस करते हैं और बल द्वारा सुनिश्चित सुरक्षा के कारण ही दुनिया भारत में निवेश करने को इच्छुक है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरा है। सीआईएसएफ को हमारी आर्थिक संपत्ति की सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम करना है। रेड्डी ने कहा कि बल के लिए सतर्कता बहुत महत्वपूर्ण है और बेहतर तकनीक की मदद से इसे लगातार मजबूत करना चाहिए। सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन ने भी अपने दिल्ली कार्यालय से सेवा में शामिल इन नए अधिकारियों को संबोधित किया।

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