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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण शुरू, पीएम मोदी ने रखी नींव

नई दिल्ली। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का इंतजार खत्म हुआ। बुधवार, 5 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर अभिजित मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण की नींव रखी। इसी के साथ करीब 500 सालों तक चले विवाद और देश के इतिहास की सबसे लंबी कानूनी लड़ाई का भी पटाक्षेप हो गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आपसी प्रेम और भाईचारे के जोड़ से राम मंदिर की इन शिलाओं को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राम सबके हैं और सबमें हैं। हमें सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है। हमें सबके साथ से सबके विश्वास से सबका विकास करना है।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की आधारशिला पूजन से पहले प्रधानमंत्री ने हनुमानगढ़ी पहुंच कर भगवान हनुमान का दर्शन किया और पूजन कर उनसे श्री राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन की अनुमति मांगी। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। जहां  उन्होंने विधिवत रामलला विराजमान का दर्शन-पूजन किया और उनकी आरती उतारी। हल्के पीले रंग का कुर्ता, सफेद धोती और भगवा रंग के गमझे के पारंपरिक भारतीय परिधान से लकदक पीएम मोदी ने 48 मिनट तक भूमि पूजन किया। काशी से आए तीन पंडितों ने भूमि पूजन का अनुष्ठान कराया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत मौजूद, नृत्य गोपाल दास समेत बड़ी संख्या में साधु-संत इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। पुरोहितों ने इस दौरान चांदी की नौ शिलाओं का पूजन कराया। इसके बाद मोदी ने साष्टांग दंडवत हो, भगवान राम से देश की तरक्की और कोरोना के नाश का वरदान मांगा।

अनुष्ठान खत्म होने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि राम का सब जगह होना भारत की विविधता में एकता का जीवन चरित्र है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम ने हमें कर्तव्य पालन की सीख दी है। हमें विरोध से निकलकर, बोध और शोध का मार्ग दिखाया है। हमें आपसी प्रेम और भाईचारा सिखाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब-जब मानवता ने राम को माना है, तब-तब विकास हुआ है और जब-जब यह भटकी है, विनाश के रास्ते खुले हैं। मोदी ने कहा कि विश्व की सर्वाधिक मुस्लिम जनसंख्या वाले इंडोनेशिया सहित दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो भगवान राम के नाम का वंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि रामायण इंडोनेशिया, कंबोडिया, लाओस, मलेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका और नेपाल में प्रसिद्ध और पूजनीय है। भगवान राम का जिक्र ईरान और चीन तक में पाया गया है और राम कथा कई देशों में प्रचलित है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राम मंदिर राष्ट्रीय एकता व भावना का प्रतीक और भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत के तौर पर न सिर्फ आने वाली पीढ़ियों को आस्था और संकल्प की प्रेरणा देगा, बल्कि अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा। मोदी ने कहा कि राम सबके हैं, सब में हैं और उनकी यही सर्वव्यापकता भारत की विविधता में एकता का जीवन चरित्र है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रीराम के नाम की तरह ही अयोध्या में बनने वाला भव्य राम मंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का द्योतक होगा। मोदी ने कहा कि राम का मंदिर भारतीय संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा।

राष्ट्रपति ने मंदिर निर्माण के शुभारंभ पर दी बधाई

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा- राम मंदिर निर्माण के शुभारंभ पर सभी को बधाई! मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम के मंदिर का निर्माण न्याय प्रक्रिया के अनुरूप तथा जनसाधारण के उत्साह व सामाजिक सौहार्द के संबल से हो रहा है। मुझे विश्वास है कि मंदिर परिसर, रामराज्य के आदर्शों पर आधारित आधुनिक भारत का प्रतीक बनेगा।

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