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कोरोना महामारी में तेजी, एक दिन में रिकार्ड 36,961 नए मामले,मरीजों की संख्या 8.30 लाख के पार

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में शनिवार को भी एक नया रिकॉर्ड बना, जिससे महामारी का प्रकोप तेज होता नजर आ रहा है। देश में पहली बार एक दिन में कोरोना वायरस के सर्वाधिक 36,961 नए मामलों के साथ देश में शनिवार को सात बजे तक कोरोना मरीजों का आंकडा सवा आठ लाख को भी पार कर गया है। वहीं एक दिन में रिकार्ड 651 लोगों की मौत के साथ देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या भी 22,255 तक पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार को शाम सात बजे तक के आंकडों के मुताबिक देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 8,30,763 हो गए, जिनमें से 2,85,498 लोगों का उपचार चल रहा है और 5,22,631 लोग उपचार के बाद संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। इस प्रकार करीब 62.78 प्रतिशत मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं।

महाराष्ट्र में ज्यादा मौतें –मंत्रालय के अनुसार एक दिन में 25 हजार से ज्यादा मरीज ठीक हुए हैं। पिछले एक दिन में संक्रमण से हुईं 651 मौतों में से सर्वाधिक 226 महाराष्ट्र में, 64 तमिलनाडु में, 57 कर्नाटक में, 42 दिल्ली में, 27 उत्तर प्रदेश और और पश्चिम बंगाल में 26 लोगों की मौत हुई है। इनके अलावा आंध्र प्रदेश में 15 लोगों की, गुजरात में 14, तेलंगाना में आठ और राजस्थान में छह लोगों की मौत हुई है। असम और जम्मू कश्मीर में पांच लोगों की, बिहार, मध्यप्रदेश, ओडिशा और पंजाब में चार-चार लोगों की, हरियाणा और पुदुचेरी में तीन-तीन तथा दो लोगों की मौत छत्तीसगढ़ में हुई है। संक्रमण के कारण देश में कुल 22,255 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से सर्वाधिक 9,893 लोगों की मौत महाराष्ट्र में और 3,300 की मौत दिल्ली में हुई। गुजरात में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2,022 है, तमिलनाडु में 1,829 है, उत्तर प्रदेश में 889 है, पश्चिम बंगाल में 880, मध्यप्रदेश में 638, कर्नाटक में 543 और राजस्थान में 497 है। तेलंगाना में कोविड-19 से मरने वाले लोगों की संख्या 339 है। संक्रमण के कारण 292 की लोगों की मौत आंध्र प्रदेश में हुई, 290 की हरियाणा में, 187 की पंजाब में, 159 की जम्मू-कश्मीर में, 119 की बिहार में, 56 की ओडिशा में, 46 की उत्तराखंड में और 27-27 मरीजों की मौत केरल तथा असम में हुई। कोविड-19 के कारण झारखंड में 23 लोगों की मौत हुई, छत्तीसगढ़ तथा पुदुचेरी में 17-17 लोगों की, हिमाचल प्रदेश में 11 की, गोवा में नौ की, चंडीगढ़ में सात की, अरूणाचल प्रदेश तथा मेघालय में दो-दो व्यक्ति की, त्रिपुरा तथा लद्दाख में एक-एक व्यक्ति की मौत कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हुई।

तीन राज्यों में एक लाख से ज्यादा मरीज-कोविड-19 के सर्वाधिक 2,38,461 मामले महाराष्ट्र में हैं, तमिलनाडु में 1,30,261 मामले, दिल्ली में 1,09,140 मामले, गुजरात में 40,069, उत्तर प्रदेश में 33,700, कर्नाटक में 33,418 और तेलंगाना में 32,224 मामले हैं। संक्रमण के 27,109 मामले पश्चिम बंगाल में, 25,422 मामले आंध्र प्रदेश में, 23,174 मामले राजस्थान में, 19,934 मामले हरियाणा में और 16,657 मामले मध्यप्रदेश में हैं। असम में संक्रमण के 14,600 मामले, बिहार में 14,575 मामले, ओडिशा में 11,956 मामले, जम्मू-कश्मीर में 9,888 मामले, पंजाब में 7,357 मामले और केरल में 6,950 मामले हैं। संक्रमण के 3,767 मामले छत्तीसगढ़ में, 3,419 मामले झारखंड में, 3,373 मामले उत्तराखंड में, 2,251 मामले गोवा में, 1,918 मामले त्रिपुरा में, 1,582 मामले मणिपुर में, 1,272 मामले पुडुचेरी में, 1,171 मामले हिमाचल प्रदेश में और 1,064 मामले लद्दाख में हैं। नगालैंड में कोविड-19 के 732 मामले, चंडीगढ़ में 539 मामले, दादरा नगर हवेली तथा दमन-दीव में कुल 459 मामले, अरूणाचल प्रदेश में 335 मामले, मिजोरम में 226 मामले, अंडमान-निकोबार में 156 मामले, मेघालय में 207 मामले और सिक्किम में संक्रमण के 134 मामले अब तक सामने आए हैं।

53 दिन में एक लाख से आठ लाख हुए कोरोना मरीज-देश में अब कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में संक्रमण के पहले एक लाख मामले जहां 110 दिन में आए थे वहीं आंकड़े को आठ लाख तक पहुंचने में महज 53 दिन लगे हैं। देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या तीन जून को दो लाख से अधिक हुई थी, वहीं इसे तीन लाख तक पहुंचने में दस दिन लगे और इसके भी आठ दिन बाद 21 जून को संक्रमितों की संख्या चार लाख से अधिक हुई। इसके बाद अगले एक लाख मामले सिर्फ छह दिन में सामने आए और आंकड़े को सात लाख तक पहुंचने में दस दिन का समय लगा।

शुक्रवार तक 1.13 करोड़ से ज्यादा नमूनों की जांच-भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 10 जुलाई तक कोविड-19 के लिए कुल 1,13,07,002 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 2,82,511 नमूनों की जांच शुक्रवार को की गई।

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश बदले-स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहले अप्रैल में सीमित सामुदायिक प्रसार होने की बात कही थी। चार जुलाई को जारी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों के पेज नंबर 9 के दो नंबर पैरा पर विशेषज्ञों ने खुलासा किया था कि अप्रैल में संक्रमण का सीमित सामुदायिक प्रसार देखा गया है। इससे पहले सरकार सामुदायिक प्रसार से स्पष्ट इनकार करती आ रही थी। बीती 8 जुलाई को इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अमर उजाला ने इसकी जानकारी भी दी थी, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा-निर्देशों को अपनी वेबसाइट से हटा लिया।

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