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कोरोना काल को रंगमंच की बारीकियां सीखने-सिखाने के अवसर में बदला

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के दौरान जब सिनेमाहॉल और मल्टीप्लेक्स बंद होने से मनोरंजन जगत ठहर सा गया है, ऐसे दौर में रंगमंच (थियेटर) को इससे जुड़ी हस्तियों ने रुकने नहीं दिया। कोकोनट थियेटर के सहयोग से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के रंगमंच और फिल्म जगत से जुड़े के कलाकारों ने कोरोना आपदा को नई प्रतिभाओं व रंगमंच प्रेमियों के लिए सीखने-सिखाने के अवसर में बदल दिया, वो भी बिना किसी शुल्क के।

कोकोनट थियेटर के निर्माता रश्मिन मजीठिया ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान जबकि लोगों के घर से निकलने पर रोक थी उस वक्त गतिविधियों को जारी रखना बेहद चुनौती पूर्ण था। उन्होंने कहा कि इसी चुनौती से पार पाने के लिए चाय-वाय एंड रंगमंच-2020 का जन्म हुआ और कोकोनट थियेटर रंगमंच को लोगों के नजदीक लाया।

उन्होंने कहा कि चाय-वाय एंड रंगमंच-2020 के तहत सोशल मीडिया के जरिये 22 अप्रैल से रंगमंच से जुड़ी हस्तियों के लाइव सेशन शुरू हुए जो तीन अगस्त को समाप्त होंगे। कुल 108 सत्र में लगभग हर रोज शाम को छह बजे कोकोनट थियेटर के फेसबुक पेज पर रंगमंच व फिल्म जगत से जुड़ी नामी हस्ती रंगमंच प्रेमियों से रुबरु हुईं। इनमें अनुभवी अभिनेता, लेखक, निर्देशक, रंगमंच डिजाइनर और तकनीशियन शामिल हैं।

मजीठिया ने बताया कि अंग्रेजी के अलावा  हिंदी, गुजराती, बंगाली, मराठी, पंजाबी, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, असमिया, डोगरी और कई अन्य भाषाओं में नाटकों का मंचन कर चुके दिग्गज इनमें शामिल रहे। इनमें पद्मश्री और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेता रीता गांगुली, नादिरा बब्बर, रोहिणी हट्टंगड़ी, बलवंत ठाकुर, एमएस सथ्यू, नीलम मान सिंह, सतीश अलेकर, दादी पुदुमजी, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक सुरेश शर्मा शामिल रहे। इनके अलावा रंगमंच और फिल्म जगत के कलाकार अनंत महादेवन, लिलिट दुबे, शरमन जोशी, राजपाल यादव, सोनाली कुलकर्णी, रघुबीर यादव, राकेश बेदी, इला अरुण, टीकू तलसानिया शामिल हैं। कुछ वक्ताओं ने बाल रंगमंच, कठपुतलियों का रंगमंच, शास्त्रीय रंगमंच और लोक कला रंगमंच के बारे में विशेष सत्र किये हैं।

मजीठिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई दिग्गजों ने अपने लाइव सेशन के दौरान रंगमंच प्रशिक्षुओं, कलाकारों और प्रशंसकों से अपने अनुभव और प्रेरक प्रसंग साझा किये। इनमें अमेरिका में तीन बार के टोनी अवार्ड विजेता स्कॉट पास्क, इंटरनेशनल प्रोडक्शन डिज़ाइनर नील पटेल, लेखक-निर्देशक-कलाकार जेसिका लिटवॉक, निर्देशक जेफ बेरॉन, ऑस्ट्रेलिया के लेखक-निर्देशक डेविड वुड्स प्रमुख हैं।

रश्मिन मजीठिया ने कहा कि कोविड-19 के कारण साल 2020 मनोरंजन उद्योग के लिए बेहद मुश्किल भरा रहा है और हमने शो मस्ट गो ऑन के सूत्रवाक्य पर अमल करते हुए रंगमंच को नहीं ठहरने देने का निश्चय किया। हालांकि भारत और दुनिया के अन्य देशों में समय के अंतर समेत अन्य बाधाओं के चलते यह बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन फिर भी सभी के सहयोग से हम रगंमंच के दिग्गजों को साथ लाने में सफल रहे।

शत्रुघ्न सिन्हा, अभिनेता

मजीठिया ने कहा कि चाय वाय एंड रंगमंच-2020 के पहले सत्र के अंतिम पड़ाव पर आखिरी पांच दिनों में हमने हिंदी सिनेमा और रंगमंच के दिग्गजों के सेशन रखे। इनमें फिल्म निर्माता सुभाष घई, अभिनेत्री सुप्रिया पाठक, अभिनेता नीरज काबी, अभिनेता आशीष विद्यार्थी, पद्मश्री शबाना आजमी और अभिनेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा शामिल हैं। तीन अगस्त को अंतिम दिन अभिनेता शुत्रघ्न सिन्हा कोकोनट थियेटर के फेसबुक पेज के जरिये रंगमंच प्रेमियों से रुबरु होंगे। मजीठिया ने कहा कि लाइव सेशन से चूक गए लोगों के लिए रंगमंच से जुड़ी बारीकियां सीखने का मौका अभी भी है। दिग्गजों के लाइव सेशन को फेसबुक पर सहेजा गया है और उन्हें  कोकोनट थियेटर के फेसबुक पेज पर कभी देखा जा सकते हैं।

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