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कोरोना के कारण अलग रंग में दिखी संसद,कई मंत्रियों और सांसदों के चेहरे पर थे मिथिला पेंटिंग वाले मास्क

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सोमवार को संसद के मानसून सत्र का आगाज हुआ। लोकसभा की बैठक में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्री और सदस्य मास्क पहनकर पहुंचे और सामाजिक दूरी की अनुपालना सुनिश्चित की। प्रधानमंत्री मोदी ने नीले रंग का थ्री प्लाई मॉस्क पहन रखा था तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान मिथिला पेंटिंग वाला मास्क पहने नजर आए। तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी तथा कुछ सदस्य फेस शील्ड पहनकर सदन में पहुंचे।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी सफेद रंग का मास्क पहनकर अपने आसन पर पहुंचे।  सदन में सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर सीट के आगे प्लास्टिक शील्ड कवर लगाया गया था। सदन में बैठने की बदली हुई व्यवस्था के बीच कई सदस्यों को उनके स्थान तक पहुंचने में सहायक मदद करते भी दिखे। लोकसभा चैम्बर में करीब 200 सदस्य मौजूद थे तो लगभग 30 सदस्य गैलेरी में थे। लोकसभा चैम्बर में ही एक बड़ा टीवी स्क्रीन लगाया गया है जिसके माध्यम से राज्यसभा चैम्बर में बैठे लोकसभा के सदस्य भी नजर आ रहे थे। गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों के लोकसभा चैम्बर, गैलरी के साथ राज्यसभा में भी बैठाया गया है। मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा की कार्यवाही परंपरा के मुताबिक राष्ट्रगान के साथ आरंभ हुई।  सदन में प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने पर सत्तापक्षा के सदस्यों ने तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया और ‘भारत माता की जय के नारे भी लगाए। सत्तापक्ष की तरफ पहली पंक्ति में प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद थे। इसके साथ ही संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सरकार के कई अन्य मंत्री भी उपस्थित थे। विपक्ष की तरफ सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और कई अन्य दलों नेता मौजूद रहे। हिरासत से रिहा होने के बाद फारूक अब्दुल्ला पहली बार लोकसभा पहुंचे। अधीर रंजन चौधरी, सुप्रिया सुले, दयानिधि मारन और कुछ अन्य सदस्य उनसे गर्मजोशी के साथ मिलते नजर आए। कई अन्य सदस्यों ने भी एक दूसरे का अभिवादन किया। सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, वर्तमान लोकसभा सदस्य वसंत कुमार और 13 पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित की गई।

अर्थव्यवस्था महामारी और बेरोजगारी पर होनी चाहिए चर्चा: सुप्रिया सुले-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, ‘मुझे लगता है कि देश में अभी सबसे बड़ी चुनौती अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी की स्थिति है। मुझे लगता है कि पहले दिन, आज हमें संसद में जो बहस करनी चाहिए वह अर्थव्यवस्था की स्थिति, महामारी और बेरोजगारी की चुनौतियों पर होनी चाहिए। यह एक वैश्विक परिदृश्य है और हम इसके जूझने वाले एकमात्र देश नहीं हैं लेकिन यह सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। मैं इस सरकार को अर्थव्यवस्था या बेरोजगारी की चुनौतियों के बारे में बड़े पैमाने पर बात नहीं करते हुए नहीं देखा। हमें इसे प्राथमिकता पर रखना चाहिए।’

स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना पर दी जानकारी-लोकसभा में कोरोना की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा, ‘अधिकतम मामले और मौतें मुख्य रूप से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, बिहार, तेलंगाना, ओडिशा, असम, केरल और गुजरात में हुई हैं। इन सभी राज्यों में एक लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। वायरस को प्रबंधित करने के हमारे प्रयास से, भारत मामलों और मौतों को प्रति मिलियन सीमित करने में सक्षम रहा है। भारत में प्रति 10 लाख पर 3,328 मामले हैं और 55 मौतें हुई हैं। ये समान रूप से प्रभावित देशों की तुलना में दुनिया में सबसे कम है।’

भारत के भावी डॉक्टरों ने की आत्महत्या: डीएमके सांसद-डीएमके सांसद टीआर बालू ने कहा, ‘मैं इस सदन और सरकार का ध्यान उन छात्रों की ओर आकर्षित करना चाहता हूं जिन्होंने नीट परीक्षा के कारण आत्महत्या कर ली है। ये सभी ग्रामीण पृष्ठभूमि से थे। उन्होंने राज्य बोर्ड के जरिए 12वीं पास की थी और नीट केवल सीबीएसई पाठ्यक्रम में आयोजित की जाती है। 12वीं के परिणाम के एक महीने के अंदर उन्हें नीट की परीक्षा देनी है और उन्हें कोई जानकारी नहीं हैं। सीबीएसई पाठ्यक्रम के किसी भी विषय को जाने बिना, वे असहाय हैं और आत्महत्या कर रहे हैं। भारत के भावी डॉक्टरों ने आत्महत्या कर ली है।’

असाधारण स्थिति में हो रहा है सत्र का आयोजन-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘अधिकांश दलों के नेताओं ने 30 मिनट के प्रश्नकाल और शून्यकाल पर सहमति व्यक्त की। उसके बाद यह फैसला किया गया था कि संसद की कार्यवाही चलेगी, उसमें प्रश्नकाल नहीं होगा। हमने आपको (अध्यक्ष) इससे अवगत कराया कि आपके द्वारा कौन सा निर्णय लिया गया है। मैं सदन के सभी सदस्यों से अपील करता हूं कि असाधारण स्थिति में सत्र आयोजित किया जा रहा है। इसमें आप सभी का सहयोग चाहिए।’

सरकार चर्चा से नहीं भाग रही है: प्रह्लाद जोशी-भाजपा सांसद प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘यह असाधारण स्थिति है। जब असेंबली एक भी दिन के लिए मिलने को तैयार नहीं हैं, तो हम लगभग 800-850 सांसदों से मिल रहे हैं। सरकार पर सवाल उठाने के कई तरीके हैं, सरकार चर्चा से भाग नहीं रही है। हम चर्चा के लिए तैयार हैं।’

आगंतुकों के प्रवेश पर अगले आदेश तक लगी रोक-कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पूर्व सांसदों/ एमएलसी/ विधायकों/ व्यक्तिगत सचिवों/ व्यक्तिगत सहायकों/ परिवार के सदस्यों/ निजी मेहमानों और संसद भवन के भीतर आने वाले आगंतुकों के प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लगाई गई है।

स्थगित हुई लोकसभा की कार्यवाही-पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, वर्तमान लोकसभा सदस्य वसंतकुमार और 13 पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद सोमवार को निचले सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित हो गई।

कांग्रेस ने दिया स्थगन प्रस्ताव-कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी और के सुरेश ने लोकसभा में लद्दाख में चीनी घुसपैठ को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया है। कांग्रेस के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार चीन पर अपना रुख साफ करे। उन्होंने चीन द्वारा जासूसी के मु्द्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि चीन भारत की बड़ी हस्तियों की जासूसी कर रहा है। भारत की जासूसी होना चिंता की बात है। चीन की शेनझेन इंफोटेक कंपनी जासूसी कर रही है।

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