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अगले वित्त वर्ष में 11 फीसदी हो सकती है आर्थिक वृद्धि: रिपोर्ट

नई दिल्ली। घरेलू रेटिंग एजेंसी ब्रिकवर्क की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक गतिविधियों में सुधार और निम्न तुलनात्मक आधार के प्रभाव के साथ अगले वित्त वर्ष में देश के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि 11 फीसदी तक जा सकती है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रतिबंधों में छूट के बाद आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे कोविड-19 से पहले की स्थिति में पहुंच रहीं हैं। केवल वही क्षेत्र अभी पीछे हैं जहां सुरक्षित शारीरिक दूरी के नियमों के चलते कामकाज पूरी गति नहीं पकड़ पाया है। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कोविड-19 से बचाव के लिए प्रभावी टीका विकसित करने में हुई प्रगति और घरेलू अर्थव्यवस्था में उम्मीद से बेहतर सुधार के संकेत मिलने के साथ ही निम्न तुलनात्मक आधार को देखते हुए हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 2021-22 में वास्तविक जीडीपी (स्थिर मूल्य के आधार पर) 11 फीसदी बढ़ सकती है। यह वृद्धि चालू वित्त वर्ष के दौरान 7 से 7.5 फीसदी की अनुमानित गिरावट की तुलना में होगी।

कुछ क्षेत्रों में धीमी गति से होगा सुधार-राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा चालू वित्त वर्ष (2020- 21) के लिए जारी जीडीपी वृद्धि के पहले अग्रिम अनुमान के मुताबिक देश के सकल घरेलू उत्पाद में 7.7 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट आएगी। रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी दमाही में अर्थव्यवस्था में सकारात्मक स्थिति के साथ वृद्धि दर्ज की जाएगी। हालांकि कुछ क्षेत्र जहां शारीरिक दूरी के नियमों के कारण गतिविधियां धीमी हैं वहां सुधार की गति धीमी बनी हुई है।

कृषि क्षेत्र में बरकरार रहेगी वृद्धि-रिपोर्ट के मुताबिक, इन तमाम बातों के बावजूद टीका विकसित होने के बाद अगले वित्त वर्ष के लिए परिदृश्य में सुधार आया है। इसमें कहा गया है कि कृषि क्षेत्र में अगले वित्त वर्ष में भी 3.5 फीसदी की वृद्धि बरकरार रहेगी। हालांकि उसने कहा है कि यह अनुमान सामान्य मानसून और कृषि सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन पर आधारित हैं। एजेंसी के मुताबिक 2021- 22 में औद्योगिक क्षेत्र में 11.5 फीसदी और सेवा खेत्र में 11 से 12 फीसदी तक वृद्धि हासिल हो सकती है।

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