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किसानों ने उत्पादन और सरकार ने खरीद के पुराने रिकॉर्ड तोड़े: मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के कारण जहां पूरी दुनिया संघर्ष कर रही है, वहीं भारत के किसानों ने इस बार पिछले साल के प्रोडक्शन के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। क्या आप जानते हैं कि सरकार ने गेहूं, धान और दालें सभी प्रकार के खाद्यान्न की खरीद के अपने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं? प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की 75 वीं वर्षगांठ पर स्मारक सिक्का जारी करते हुए भारत में खेती-किसानी की बेहतरी की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा किया। उन्होंने कहा कि किसानों को लागत का डेढ़ गुणा दाम एमएसपी के रूप में मिले, इसके लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। एमएसपी और सरकारी खरीद, देश की फूड सिक्योरिटी का अहम हिस्सा हैं। इसलिए इनका जारी रहना स्वभाविक है। भारत में अनाज की बबार्दी हमेशा से बहुत बड़ी समस्या रही है। अब जब एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट में संशोधन किया गया है, इससे स्थितियां बदलेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने पौष्टिक तत्वों से भरपूर फसलों को बढ़ावा देने से जुड़ी सरकार की कोशिशों पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुपोषण से निपटने के लिए एक और महत्वपूर्ण दिशा में काम हो रहा है। अब देश में ऐसी फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसमें पौष्टिक पदार्थ जैसे प्रोटीन, आयरन, जिंक इत्यादि ज्यादा होते हैं। इससे दो तरह के लाभ होंगे। एक तो पौष्टिक आहार प्रोत्साहित होंगे, उनकी उपलब्धता और बढ़ेगी। और दूसरा- जो छोटे किसान होते हैं, जिनके पास कम जमीन होती है, उन्हें बहुत लाभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में पोषण अभियान को ताकत देने वाला एक और अहम कदम उठाया गया है। आज गेहूं और धान सहित अनेक फसलों के 17 नए बीजों की वैरायटी, देश के किसानों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज भारत में निरंतर ऐसे रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं जो ग्लोबल फूड सिक्योरिटी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। खेती और किसान को सशक्त करने से लेकर भारत के सार्वजनिक वितरण प्रणाली तक में एक के बाद एक सुधार किए जा रहे हैं।

लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु में बदलाव की तैयारी?-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लड़कियों की शादी की उपयुक्त उम्र को लेकर गठित की गई समिति की रिपोर्ट आते ही सरकार इस पर कार्रवाई करेगी प्रधानमंत्री ने यह बात वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि बेटियों की शादी की उचित उम्र क्या हो, ये तय करने के लिए भी चर्चा चल रही है। मुझे देशभर की जागरूक बेटियों की चिट्ठियां आती हैं कि जल्दी से निर्णय कीजिए। मैं उन सभी बेटियों को आश्वासन देता हूं कि बहुत ही जल्द रिपोर्ट आते ही उस पर सरकार अपनी कार्रवाई करेगी। मालूम हो कि 15 अगस्त को इस साल लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में मोदी ने लड़कियों की शादी की उपयुक्त उम्र तय करने के लिए एक समिति के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि बेटियों में कुपोषण खत्‍म हो, उनकी शादी की सही आयु क्‍या हो, इसके लिए हमने कमेटी बनाई है। उसकी रिपोर्ट आते ही बेटियों की शादी की उम्र के बारे में भी उचित फैसले लिए जाएंगे। देश में अभी लड़कियों की शादी की कम से कम उम्र 18 वर्ष निर्धारित है जबकि लड़कों की उम्र सीमा 21 वर्ष है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आज कहा कि छोटी आयु में गर्भ धारण करना, शिक्षा की कमी, जानकारी का अभाव, शुद्ध पानी न होना, स्वच्छता की कमी, ऐसी अनेक वजहों से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में जो अपेक्षित परिणाम मिलने चाहिए थे, वह नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग स्तर पर कुछ विभागों द्वारा प्रयास हुए थे, लेकिन उनका दायरा या तो सीमित था या टुकड़ों में बिखरा पड़ा था।

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