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कृषि कानूनों से देश का किसान खुश: रमन सिंह, आंदोलन को हवा देने के पीछे कांग्रेस-लेफ्ट जैसे दल

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसानों का आंदोलन पिछले दो महीने से अधिक समय से जारी है। इस बीच बीजेपी उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आंदोलन को कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों की साजिश करार दिया। रमन सिंह ने यह बयान आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर रणनीति बनाने और किसान आंदोलन पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई बीजेपी की अहम बैठक के बाद दिया। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि यह किसान आंदोलन राजनीतिक रूप से प्रभावित है। इस देश के किसान कृषि कानूनों से खुश हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में कृषि कानूनों का स्वागत किया गया है। मुझे लगता है कि आंदोलन को जारी रखने के पीछे कांग्रेस और लेफ्ट की साजिश है। मालूम हो कि किसान संगठनों के नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच में कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। किसान नेता जहां कानूनों को उद्योगपतियों के हक में बताते हुए उन्हें रद्द करते हुए एमएसपी पर कानून बनाए जाने की मांग कर रहे हैं तो वहीं सरकार कुछ संशोधन करने को तैयार है। रमन सिंह ने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार करने, किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीजेपी के प्रस्ताव में सराहना की गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने को लेकर प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा किया।

इससे पहले भाजपा महासचिव अरुण सिंह ने बताया था कि दिन भर चलने वाली बैठक के दौरान असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव, आत्मनिर्भर भारत अभियान और तीन कृषि कानूनों के बारे में भी चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि ‘बैठक में फिलहाल प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है और बैठक के बाद पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की रुपरेखा की घोषणा की जाएगी।” कोरोना महामारी के दौरान यह राष्ट्रीय पदाधिकारियों की पहली बैठक है जिसमें नेता प्रत्यक्ष तौर पर शामिल हुए।

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