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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन, सात का राजकीय शोक घोषित

नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया। उनके पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर यह जानकारी सार्वजनिक की। वे यहां आर्मी अस्पताल में इलाजरत थे। बीते दिनों उनके ब्रेन का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से वे गहरे कोमा में थे।

मुखर्जी 2012 से 2017 तक देश के 13वें राष्ट्रपति थे। वे 84 वर्ष के थे। भाजपा सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था। वे केंद्र में कांग्रेस की सरकारों में गृह, वित्त समेत कई मंत्रालयों के मंत्री भी रहे। पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी को दिल्ली छावनी स्थित अस्पताल में बीते 10 अगस्त को भर्ती कराया गया था और उसी दिन उनके मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए उनकी सर्जरी की गई थी। मुखर्जी को बाद में फेफड़ों में संक्रमण हो गया। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पीएम समेत तमाम हस्तियों ने शोक जताया।

राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट किया- पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। उनका जाना एक युग का अंत है। सार्वजनिक जीवन में विराट कद हासिल करने वाले प्रणब दा ने भारत माता की सेवा एक संत की तरह की। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर यह कहते हुए शोक जताया कि देश ने एक राजनेता खो दिया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुखर्जी के निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उन्हें सर्वोत्कृष्ट विद्वान और उच्च कोटि का राजनीतिज्ञ बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में पहले दिन से उन्हें उनका मार्गदर्शन, समर्थन और आशीर्वाद मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

एक बयान में गृह मंत्रालय ने प्रणब मुखर्जी के सम्मान में 31 अगस्त से लेकर छह सितंबर तक राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान देश भर में उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा जहां ध्वज लगा रहता है। प्रणब मुखर्जी का अंतिम सस्कार मंगलवार को किया जाएगा।

 

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