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चार राज्यों ने स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर नहीं दिया वेतन, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि चार राज्यों ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को वेतन का समय पर भुगतान नहीं किया है। ये राज्य हैं- पंजाब, महाराष्ट्र, त्रिपुरा और कर्नाटक। केंद्र ने कहा कि ऐसा शीर्ष अदालत के एक निर्देश के बावजूद हुआ। अदालत ने तब केंद्र से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि इन कर्मियों के वेतन का भुगतान समय पर किया जाए। न्यायमूर्ति अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, ‘यदि राज्य केंद्र सरकार के निर्देशों और आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो आप असहाय नहीं हैं। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका आदेश लागू हो। आपको आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत शक्ति मिली हुई है। आप भी कदम उठा सकते हैं। डॉक्टरों और नर्सों को समय पर बकाए का भुगतान न करने के लिए उच्चतम न्यायालय ने जून में कड़े निर्देश जारी किए थे। यह निर्देश एक डॉक्टर की याचिका पर दिया गया था जिसने आरोप लगाया था कि कई क्षेत्रों में चिकित्सा पेशेवरों को भुगतान नहीं किया जा रहा है और यदि वे संक्रमित हो जाते हैं तो खुद को आइसोलेट करने के लिए उन्हें कोई सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है जो उनके परिवार वालों के लिए एक बड़ा खतरा है।

केंद्र ने तब आपदा प्रबंधन अधिनियम (डीएमए) के तहत कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में लगे डॉक्टरों और नर्सों को वेतन देने की घोषणा की थी। यह आदेश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया था। शीर्ष अदालत ने वेतन का भुगतान न करने और डॉक्टरों को उचित आवास की कमी को गंभीरता से लिया था। अदालत ने कहा था कि लड़ाई में आप सैनिकों को नाखुश नहीं कर सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा था कि अदालतों को स्वास्थ्य कर्मियों को वेतन का भुगतान न करने के मुद्दे में शामिल नहीं होना चाहिए और सरकार को इस मुद्दे का निपटारा करना चाहिए।

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