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ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामला: दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि को पांच दिन की हिरासत में लिया

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों के खिलाफ देश में जारी किसाना आंदोलन को लेकर भारत विरोधी अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा होने के बाद दिल्ली पुलिस सख्ती बरत रही है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने किसान आंदोलन से संबंधित स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता की टूलकिट के जरिये देश बदनाम करने की साजिश में शामिल 21 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को बंगलूरू से गिरफ्तार कर पांच दिन की हिरासत में लिया है। साइबर सेल ने टूलकिट मामले में शनिवार को यह पहली गिरफ्तारी की है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने रवि दिशा को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर सात दिन की पुलिस हिरासत मांगी थी। इसके बाद अदालत ने पांच दिन के लिए दिशा को पुलिस हिरासत में भेज दिया।आरोपी की पेशी के दौरान पुलिस ने अदालत में कहा कि दिशा समेत कई आरोपियों ने  एक साजिश के तहत खलिस्तानी ग्रुप को दोबारा खड़ा करने और भारत सरकार को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश रची है।ये खलिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू प्रभावित हैं। पुलिस ने कहा कि इस मामले में शांतनु और निकिता को और गिरफ्तार किया जाना है। आरोप है कि दिशा रवि ने किसानों से जुड़ी टूलकिट को एडिट किया उसमें कुछ चीज़ें जोड़ी और उसके आगे भेजा था। देश में ‘फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ अभियान के फाउंडर सदस्यों में दिशा रवि भी शामिल हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने टूलकिट मामले में 4 फरवरी को देश के खिलाफ साजिश रखने, हिंसा के लिए भड़काने और नफरत फैलाने के मामले में पहला मामला दर्ज किया था। टूलकिट मामले में हुई यह पहली गिरफ्तारी है। जानकारी के मुताबिक जलवायु कार्यकर्ता दिशा ने माउंट कैर्मेल कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन स्नातक की डिग्री हासिल की है। दिशा इस समय गुड माइल्क कंपनी के साथ जुड़ी हुई हैं। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जब उन्हें गिरफ्तार किया गया कि उस वक्त वह घर से ही काम कर रही थीं। दिशा रवि के पिता मैसूरु में एक एथलेटिक्स कोच हैं, जबकि उनकी मां एक गृहिणी हैं।

क्या है मामलाजलवायु कार्यकर्ता ने किसानों के समर्थन में एक ट्वीट किया था, जिसमें एक टूलकिट भी थी। इस टूलकिट में किसान आंदोलन को लेकर मोदी सरकार को घेरने और भारत को बदनाम करने की साजिश रची गई थी। हालांकि बाद में उन्होंने टूलकिट वाले ट्वीट को डिलीट कर दिया और फिर एक अन्य टूलकिट जारी किया। इसका खुलासा होने के बाद इसे लेकर बवाल मच गया।

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