Press "Enter" to skip to content

दिल्ली की अवैध कॉलोनियां होगी नियमित,संसद ने लगाई संबन्धित विधेयक पर मुहर, लाखों लोगों को राहत

Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

नई दिल्ली। दिल्ली की अवैध कॉलोनियों से संबन्धित विधेयक बुधवार को संसद में पास हो गया है। अब दिल्ली के 40 लाख लोगों को उनके घर का मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

राज्यसभा में बुधवार को यह विधेयक पेश किया गया था। विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अब विकास के वह सभी लाभ मिल सकेंगे। सदन में चर्चा के बाद संसद में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अप्राधिकृत कॉलोनी निवासी संपत्ति अधिकार मान्यता) विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई। इससे पहले यह विधेयक लोकसभा से पास हो चुका है। इस विधेयक पर संसद की मुहर लगने के बाद अब दिल्ली की अवैध कॉलोनियों में रहने वाले करीब 40 लाख लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 1731 अनधिकृत कॉलोनियों की डिजिटल मैपिंग का काम इस साल 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 साल पहले ही दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों की मैपिंग की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए थी। बता दें कि उस वक्त दिल्ली में शीला दीक्षित के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार थी। पुरी ने कहा कि 2008 में दिल्ली की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने एक अधिसूचना जारी की थी और 760 कॉलोनियों को चिह्नित किया गया। लेकिन इसके बाद प्रयास धीमे हो गए। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा दिल्ली सरकार ने केंद्र को बताया कि जिन एजेंसियों को कॉलोनियों की मैपिंग का काम दिया गया है, वे इसे पूरा नहीं कर पा रही हैं। तब केंद्र सरकार ने राजधानी की 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 से 50 लाख लोगों को उनके मकानों का मालिकाना हक देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में ही डिजिटल मैपिंग का काम पूरा हो जाना चाहिए था। हमने अब आगामी 31 दिसंबर से पहले इस काम को पूरा करने का फैसला किया है। पुरी ने बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) का एक पोर्टल इस संबंध में प्रभाव में आ चुका है जिसमें सारे मैप डाले जाएंगे। करीब 600 मैप तैयार भी हो चुके हैं। बाकी सभी मैप 31 दिसंबर तक पोर्टल पर अपलोड कर दिए जाएंगे। इसके अलावा 50 हेल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे और जरूरत के अनुसार, इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.
More from राजनीतिMore posts in राजनीति »

Be First to Comment

    प्रातिक्रिया दे

    आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

    Mission News Theme by Compete Themes.