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जीडीपी में वृद्धि से निजी क्षेत्र का कारोबारी भरोसा लौटेगा: सुब्रमण्यन

नई दिल्ली। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) केवी सुब्रमण्यन ने कहा है कि अप्रैल से शुरू हो रहे अगले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था ‘वी-आकार’ की 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी। इससे निजी उपक्रमों का कारोबारी विश्वास (एनिमल स्पिरिट्स) लौटेगा। संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2020-21 में अनुमान लगाया गया है कि 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 11 प्रतिशत रहेगी। हालांकि, चालू वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 7.7 प्रतिशत की गिरावट आने का अनुमान है। निजी निवेश में ‘एनिमल स्पिरिट्स’ के पुनरोद्धार के बारे में पूछे जाने पर सुब्रमण्यन ने कहा कि मुझे लगता है कि अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर अनुमान के अनुरूप 11 प्रतिशत रहेगी। ऐसे में जब अवसर दिखाई देंगे, तो निजी क्षेत्र आगे आएगा। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जॉन मेनार्ड कीन्स ने सबसे पहले ‘एनिमल स्पिरिट्स’ वाक्यांश का इस्तेमाल किया था। इसका आशय निवेशकों में निवेश के लिए पैदा हुए भरोसे से है। सुब्रमण्यन ने निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रति-चक्रीय उपायों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में कारोबारी चक्र होता है। कभी यह मजबूत होता है और कभी कमजोर। ऐसे में जब अर्थव्यवस्था काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही होती है और निजी क्षेत्र भी अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उस समय सरकार के पास अपनी राजकोषीय स्थिति को मजबूत करने का अवसर होता है।

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