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अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस : मातृभाषा को बढ़ावा देना चाहिए, भले ही अपनी भाषा में सोचें: नायडू

नई दिल्ली। दुनियाभर में आज 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने देशवासियों को मातृभाषा दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हम सभी को अपनी मातृभाषा को बढ़ावा देना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी, कन्नड़, गुजराती, मलयालम, बंगाली, तेलुगु, ओडिया अन्य भारतीय भाषाओं में संदेश ट्वीट किया।

उपराष्ट्रति ने हिंदी में अपने संदेश में लिखा कि अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। भाषाई विविधता सदैव ही हमारी सभ्यता का आधार रही है। हमारी मातृभाषाएं सिर्फ संवाद का ही माध्यम नहीं है बल्कि हमें हमारी विरासत से जोड़ती है, हमारी पहचान को परिभाषित करती हैं। हमें प्राथमिक शिक्षा से ले कर प्रशासन तक, हर क्षेत्र में मातृभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देना चाहिए। अपने विचारों, अपने भावों को रचनात्मक रूप से अपनी भाषा में अभिव्यक्त करना चाहिए। यह किसी भी व्यक्ति या समुदाय की सांस्कृतिक पहचान भी होती है।नायडू के एकदिन पहले सांसदों से भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने में योगदान का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने सबसे पहले सीखी गई और बोली गई मातृभाषा को ‘जीवन की आत्मा’ बताया। उन्होंने तीन पन्नों के पत्र में सभी सांसदों से एक भावुक अपील की थी। मातृभाषा दिवस 21 फरवरी को विश्वभर में अपनी मातृ भाषा को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। 17 नवंबर, 1999 को यूनेस्को ने इस दिवस की औपचारिक स्वीकृति दी थी। इसका मकसद विश्व की बहुभाषा को बढ़ावा देना है।

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