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आईटी कंपनियों ने जून 2021 तक बढ़ाई वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

नई दिल्ली। भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। साल 2021 में जिस तरह नए मामले सामने आ रहे हैं उससे वाकई लोग और संस्थान डरे और सहमे हैं। देश में कई बड़ी आईटी कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी को चालू रखने का फैसला किया है। बंगलूरू में कई आईटी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को तीन महीने तक घर से काम करने की सुविधा बढ़ा दी है। कंपनियों ने जून 2021 तक यह सुविधा बढ़ाई है।  दरअसल, आईटी कंपनियों ने विश्व स्वास्थ संगठन के हवाले से 31 मार्च तक सभी कर्मचारियों को ऑफिस आने को कहा था। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए कंपनियों ने कर्मचारियों को दफ्तर नहीं आने को निर्देश दिया है। कंपनियां अपने एम्पलाई को ईमेल के जरिए सूचना भेज रही है। आईटी कंपनियों को देखते हुए अब राज्य सरकार के कर्मचारी भी घर से काम करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों को कहना है कि सरकारी दफ्तरों में आने वाले लोगों पर किसी तरह की रोक नहीं रहती है। ऐसे में संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। पिछले दिनों ईस्ट बंगलूरू की एक लीडिंग आईटी सर्विस मैनेजमेंट कंपनी ने अपने कर्मचारियों को 31 मार्च से काम पर लौटने को कहा था। लेकिन इससे पहले ही कंपनी ने कर्मचारियों को ईमेल के जरिए ऑफिस नहीं आने को कहा है। कंपनी ने घर से काम करने की सुविधा तीन महीने और बढ़ा दी है। नैसकॉम के उपाध्यक्ष एस विश्वनाथन ने कहा कि ज्यादातर कंपनियों ने घर से जून तक और कुछ सितंबर तक काम बढ़ा दिया था।

लॉकडाउन के दौरान आईटी सेक्टर में हो रहीं भर्तियां- नैसकॉम के उपाध्यक्ष के एस विश्वनाथन ने कहा कि वर्क फ्रॉम होम के दौरान काम की गुणवत्ता पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। बल्कि इस दौरान इस सेक्टर में भर्तियां भी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारी को भी घर से काम करने की सुविधा हो या फिर 50 फीसदी कर्मचारी दफ्तर आएं। वहीं ‎कर्नाटक प्रदेश होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर हेब्बर ने बताया कि राज्य भर में 20 लाख से अधिक लोग और बेंगलुरु में 10 लाख से अधिक लोग होटल, बार, लॉज और अन्य जगहों पर काम करते हैं और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुफ्त टीकाकरण दिया जाना चाहिए ।

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