Press "Enter" to skip to content

एक दिसंबर से वाहनों पर फास्टैग लगाना अनिवार्य

नई दिल्ली। नेशनल हाईवे से अपने गंतव्य पर जाने वाले सभी प्रकार के चार पहिया वाहनों के लिए आगामी 1 दिसम्बर से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इस बदलाव में सभी वाहनों को फास्टैग लगाना अनिवार्य होगा। सरकार 100 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन हासिल करने के लिए यह कदम उठा रही है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 1 दिसंबर  से टोल प्लाजाओं को ई-टोल संग्रह से जोड़ना अनिवार्य है। इसलिए जिन वाहनों पर अभी फोस्टैग नहीं लगे हैं उन्हें इसके लिए प्रोत्साहन देने की दिशा में सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गो से गुजरने वाले वाहनों पर फास्टैग फ्री में लगाने की योजना शुरू की है जो एक दिसंबर तक होगी और उसके बाद वाहन मालिकों को खुद ही फास्टैग खरीदना होगा। वहीं उन्होंने बताया कि एक दिसंबर से जिस वाहन पर फास्टैग नहीं होगा, उसे दोगुना टोल राशि जमा करने के बाद टोल पार कराया जाएगा। एक दिसंबर से देशभर के सभी टोल प्लाजा फास्टैग से लैस हो जाएंगे। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 527 टोल प्लाजा हैं, जिनमें से एक कैश लेन को छोड़कर 380 टोल प्लाजा के सभी लेन फास्टैग से लैस हो गए हैं और बाकी इसी तर्ज पर एक दिसंबर तक सभी लाइनें फास्टैग से लैस हो जाएंगी। फास्टैग प्रीपेड खाता खोलने के लिए बैंक की ऑनलाइन फास्टैग एप्लिकेशन वेबसाइट पर जाना होगा, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह खुल जाएगा।

क्या होता है फास्टैग

फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन का इस्तेमाल होता है। वाहनों के विंडस्क्रीन पर लगने वाले विशेष प्रकार के ‘टैग’ के कारण जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा के नजदीक आएगी तो वहां लगा सेंसर वाहन फास्टैग को ट्रैक कर लेगा। जैसे ही टोल प्लाजा पर आप पहुंचेंगे, वहां पर आपके फास्टैग खाते से निर्धारित शुल्क अपने आप कट जाएगा। यानी टोल प्लाजा पर आपको रुककर शुल्क जमा नहीं करना पड़ेगा। दरअसल फास्टैग अकाउंट एक तरह से प्रीपेड अकाउंट होता है। ठीक उसी तरह जिस तरह आप अपने मोबाइल की सेवा जारी रखने के लिए शुल्क चुकाते हैं। रिचार्ज रखने के लिए शुल्क अदा करते हैं। इसमें होगा यह कि जब फास्टैग खाते की राशि खत्म हो जाएगी, उसे रिचार्ज कराना होगा।

कैसे ऑनलाइन खरीदें फास्टैग

पुरानी गाड़ी के वाहन मालिक फास्टैग को बैंकों के माध्यम से भी खरीद सकते हैं। ये वो बैंक होंगे सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह के तहत अधिकृत हैं। भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, सिंडिकेट बैंक, आईडीएफसी बैंक और इक्विटास बैंक ही नहीं, पेटीएम से भी इन्हें खरीदा जा सकता है। बैंकों की अलग-अलग शर्तें लागू हो सकती हैं। इस प्रक्रिया के तहत किसी भी प्वाइंट ऑफ सेल से ऑफ लाइन भी फास्टैग को खरीदा जा सकता है लेकिन ऑनलाइन खरीदना ज्यादा सुविधाजनक है, इससे आप लंबी कतार से बच जाएंगे।फोटो साभार-jansatta.com

More from देश प्रदेशMore posts in देश प्रदेश »

Be First to Comment

Leave a Reply

Mission News Theme by Compete Themes.