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नैचुरोपैथी को व्यापक पैमाने पर प्रतिष्ठित करना जरुरी- डा.हर्षवर्धन

नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय के सहयोग से सूर्या फाउण्डेशन व आईएनओ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस कार्यक्रम के उपलक्ष्य में आयोजित वेबिनार को संबोध्ति करते हुए मुख्य अतिथि डा. हर्षवर्धन ने कहा कि जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाओं को मुहैया कराने के लिए हमारी देश की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति योग-नेचरोपैथी, आयुर्वेद को व्यापक पैमाने पर प्रतिष्ठित करना होगा।राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर बोलते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा योग व आयुर्वेद द्वारा हम व्यक्ति को स्वस्थ रहने की कला सिखा सकते हैं। भारत में आम लोगों की यह धरणा है कि अमेरिका व यूरोपीय देशों में वैज्ञानिक व उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं। लेकिन अब अमेरिका व अन्य देशों में भी लोग योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, आर्गेनिक, होम्योपैथी व अन्य ड्रागलेस चिकित्सा के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। डा. हर्षवर्धन ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्वस्थ रहने के लिए हमेशा प्राकृतिक चिकित्सा में विश्वास रखते थे और अपने निकटवर्ती लोगों को इसके बारे में बताते थे। इस अवसर पर वेबिनार में देश दुनिया से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक ने कहा कि महात्मा गांधी की 151वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में सामाजिक क्षेत्रा में लागभग 3 दशकों से सेवा कार्य में संलग्न सामाजिक संस्था सूर्या फाउण्डेशन वइंटरनेशनल नेचरोपैर्थी आर्गेनाइजेशन अभियान का आयोजन संस्थापक पद्मश्री जयप्रकाश जी के मार्गदर्शन में किया गया है। श्रीपाद नाईक ने कहा नेचुरोपैथी गांधी जी का प्रिय विषय था, वे नेचुरोपैथी को स्वयं पर प्रयोग करते थे तथा अपने अन्य सहयोगी व परिवार के सदस्यों का इलाज भी नेचुरोपैथी से किया करते थे।

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